खेल

वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में नंबर 3 जर्सी मिली, रघु ने सौंपी तो छूए पैर

Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के समस्तीपुर के ताजपुर गांव से निकलकर विश्व पटल पर अपना परचम लहराने वाले वैभव सूर्यवंशी अब नेशनल टीम का हिस्सा बन गए हैं. बीसीसीआई ने उन्हें नंबर 3 की जर्सी दी है. होटल में जब उन्हें जर्सी दी गई, तब वो उसे काफी देर तक निहारते रहे. वो टीम इंडिया के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दोरे के लिए रवाना हो गए हैं.

वैभव को यह जर्सी भारतीय क्रिकेट टीम के थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने दी. जर्सी लेने से पहले उन्होंने पहले रघु के पैर छूए उसके बाद जर्सी ली. इस पल को BCCI ने कैमरे पर रिकॉर्ड कर अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर डाला. जिसपर अब लोग काफी कमेंट कर रहे हैं और वैभव सूर्यवंशी को बधाई दे रहे हैं.

इस एहसास को बताना मुश्किल है- सूर्यवंशी

जर्सी मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि,

इसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता, जिस दिन मैंने बैट पकड़कर मैदान पर कदम रखा था वो दिन आज आ गया. वह सपना अब पूरा हो गया है. यह मेरे करियर का सबसे बड़ा कदम है. इस फीलिंग्स को शब्दों में बताना मुश्किल है.

पहली बार टीम में मिली वैभव को जगह

बता दें कि, वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है. वो भारतीय नेशनल टीम में सलेक्ट होने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए हैं. उन्होंने सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा है. इंडिया और आयरलैंड के बीच 26 जून से शुरू हो रहे मैच में वो भारतीय टीम की तरफ से मैदान में उतर सकते हैं.

ये भी पढ़ें- विमेंस टी20 वर्ल्ड कप: शेफाली की आतिशी शुरुआत के बाद संभली भारतीय पारी, साउथ अफ्रीका को मिला 159 रनों का लक्ष्य

सबसे कम उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले क्रिकेटरों में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का नाम शामिल है. शेफाली ने जहां 15 साल 239 दिन उम्र में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला. तो वहीं सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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