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AI Generated Password Security: आजकल सुबह सोकर उठने से लेकर दफ्तर का ईमेल ड्राफ्ट करने और स्किनकेयर रूटीन बनाने तक, हर छोटे-बड़े काम के लिए लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI बॉट्स (ChatGPT, Google Gemini) का इस्तेमाल कर रहे हैं. सहूलियत के इस दौर में लोग एक ऐसी भयंकर गलती कर बैठते हैं, जो उनके बैंक अकाउंट और निजी डेटा को हैकर्स की थाली में सजाकर परोस देती है.
अगर आप भी यह सोचते हैं कि AI एक कंप्यूटर है और इंसानों से कहीं ज्यादा मजबूत और यूनिक पासवर्ड बना सकता है, तो आप सिर्फ गलती नहीं बल्कि बहुत बड़ा ‘सुरक्षा अपराध’ कर रहे हैं. साइबर सुरक्षा फर्मों के ताजा खुलासे के मुताबिक, AI चैटबॉट्स से बनवाए गए पासवर्ड को हैकर्स चुटकियों में क्रैक (Guess) कर सकते हैं.
प्रसिद्ध साइबर-सिक्योरिटी फर्म ‘इरेगुलर’ ने हाल ही में यह जानने के लिए एक रिसर्च किया कि एआई मॉडल (LLMs) किस तरह के पासवर्ड तैयार करते हैं. इसके लिए उन्होंने Google Gemini में एक कठिन दिखने वाला प्रॉम्प्ट डाला कि -“छोटे-बड़े अक्षर (Upper & Lower Case), नंबर और स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल करके 20-कैरेक्टर वाले 10 पासवर्ड का एक सेट बनाएं.
जिसके बाद जेमिनी ने पलक झपकते ही जो पासवर्ड बनाकर दिए, वे पहली नजर में किसी भी सुरक्षा मानकों पर एकदम परफेक्ट और नामुमकिन से लगते थे. लेकिन जब साइबर एक्सपर्ट्स ने उन पासवर्ड्स की गहराई से कोडिंग खंगाली, तो उनके होश उड़ गए.
रिसर्च में पाया गया कि AI चैटबॉट्स अपनी ट्रेनिंग और एल्गोरिदम की वजह से पासवर्ड बनाते समय एक ही जैसा हिडन ‘फॉर्मेट’ या ‘पैटर्न’ इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर:
अक्षर नंबर ➔ स्पेशल कैरेक्टर ➔ अक्षर ➔ अक्षर ➔ नंबर ➔ स्पेशल कैरेक्टर…
बाहर से देखने में ये पासवर्ड भले ही बहुत जटिल और याद रखने में नामुमकिन से लगें, लेकिन हैकर्स और उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘ऑटोमेटेड हैकिंग एजेंट्स’ के लिए इस फिक्स पैटर्न को समझना बेहद आसान होता है. हैकर्स के सॉफ्टवेयर सेकंडों में अंदाजा लगा लेते हैं कि पासवर्ड का अगला कैरेक्टर क्या होगा और कुछ ही प्रयासों में आपका अकाउंट हैक हो जाता है.
जब भी आप किसी चैटबॉट से पासवर्ड बनाने को कहेंगे, तो अपनी बुनियादी ट्रेनिंग के कारण वह आपको पूरा भरोसा दिलाएगा कि ‘यह पासवर्ड बेहद सुरक्षित और स्ट्रॉन्ग है’. लेकिन असलियत इसके ठीक उलट है. एक्सपर्ट्स ने साफ चेतावनी दी है कि कभी भी अपनी कोई भी निजी जानकारी, पिन (PIN), या बैंकिंग पासवर्ड जनरेट करने के लिए ChatGPT, Gemini या किसी अन्य एआई टूल का इस्तेमाल न करें.
अगर आप अपने सोशल मीडिया, ईमेल या नेट बैंकिंग अकाउंट को पूरी तरह से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो एआई चैटबॉट्स पर निर्भर रहने के बजाय इन विश्वसनीय तरीकों को अपनाएं:
पावर्ड पासवर्ड मैनेजर्स का इस्तेमाल करें: गूगल पासवर्ड मैनेजर (Google Password Manager), Bitwarden या 1Password जैसे भरोसेमंद और एन्क्रिप्टेड एआई-फ्री मैनेजर्स का उपयोग करें जो पूरी तरह से रैंडम (Random) स्ट्रिंग जनरेट करते हैं.
खुद का रैंडम ‘पासफ्रेज’ बनाएं: किसी रैंडम लंबे वाक्य (जैसे- Blue@Mango#Runs$99) का इस्तेमाल करें, जिसमें कोई निश्चित पैटर्न न हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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