केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए लेबर कोड 2026 (New Labour Codes 2026) ने नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. अब तक छुट्टियों के बदले पैसा (Leave Encashment) पाने के लिए रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने तक का लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नए नियमों के तहत अब आपकी मेहनत की कमाई गई छुट्टियां बेकार नहीं जाएंगी और आप हर साल उनके बदले नकद पैसा पा सकेंगे.
नए लेबर कोड, विशेष रूप से ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के तहत, छुट्टियों को लेकर क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं. अब कर्मचारी साल के अंत में अपनी अतिरिक्त छुट्टियों को कैश करा सकेंगे.
पुराने नियमों के अनुसार, छुट्टियों (Earned Leave) का हकदार बनने के लिए कर्मचारी को कम से कम 240 दिन काम करना अनिवार्य होता था. नए लेबर कोड में इस अवधि को घटाकर 180 दिन कर दिया गया है. यानी अब आप नौकरी जॉइन करने के मात्र 6 महीने बाद ही छुट्टियां कमाने और उन्हें कैश कराने के पात्र हो जाएंगे.
नए नियमों में कर्मचारियों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है. यदि किसी कर्मचारी ने समय पर छुट्टी मांगी है और मैनेजमेंट या बॉस ने काम के दबाव के कारण छुट्टी देने से मना कर दिया है, तो वह छुट्टी ’30 दिन की कैरी फॉरवर्ड लिमिट’ में नहीं गिनी जाएगी. वह छुट्टी आपके खाते में सुरक्षित रहेगी और उसे लैप्स (खत्म) नहीं माना जाएगा.
नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी राहत दी गई है. अब कंपनियों को कर्मचारी के इस्तीफे, बर्खास्तगी या छंटनी के बाद उसका पूरा हिसाब-किताब (Full & Final Settlement) मात्र 2 कार्य दिवस (48 घंटे) के भीतर निपटाना होगा. पहले इस प्रक्रिया में हफ़्तों या महीनों का समय लग जाता था.
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नए लेबर कोड 2026 का उद्देश्य कार्यस्थल पर पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों को उनकी मेहनत का तत्काल लाभ देना है. हर साल छुट्टियों के बदले पैसा मिलने से कर्मचारियों की लिक्विडिटी (नकद उपलब्धता) बढ़ेगी और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा. अब ‘काम का दबाव’ आपकी छुट्टियों को बर्बाद नहीं कर पाएगा, बल्कि वे आपकी एक्स्ट्रा इनकम का जरिया बनेंगी.
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