उत्तर प्रदेश

शासन की रोक को भी ठेंगा! आजमगढ़ में 10 ‘अवैध’ अध्यापकों को बांट दिए 51 लाख रुपये… अब नपे 2 बड़े अफसर

Azamgarh salary scam: आजमगढ़/शुभम: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरकारी खजाने में सेंध लगाने का एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शासन की ओर से वेतन भुगतान पर स्पष्ट रोक होने के बावजूद, 10 अवैध रूप से नियुक्त सहायक अध्यापकों को करीब 51 लाख 46 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया. इस ‘वेतन घोटाले’ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब प्रशासन सख्त एक्शन मोड में है और दो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है.

कैसे सामने आया ‘खेल’? (Azamgarh salary scam Update)

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने प्रशासन से इसकी शिकायत की. अरुण कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि शासनादेश के विपरीत नियुक्त किए गए 10 सहायक अध्यापकों के वेतन भुगतान पर शासन ने रोक लगा रखी थी.

इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर इन अध्यापकों को 51 लाख 46 हजार रुपये का वेतन जारी कर दिया गया. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर आजमगढ़ के डीएम (DM) रविंद्र कुमार (Azamgarh DM Ravindra Kumar) ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की.

जांच में हुई अनियमित भुगतान की पुष्टि

सीडीओ की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने जब फाइलों को खंगाला, तो शिकायत सच साबित हुई. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से 51.46 लाख रुपये के अनियमित भुगतान की पुष्टि की गई.

इस ‘खेल’ में प्रथम दृष्टया (Prima facie) जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह को दोषी पाया गया, जिन्होंने शासन की रोक के बावजूद फाइलों को आगे बढ़ाया और भुगतान सुनिश्चित किया.

नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज

जांच रिपोर्ट के आधार पर, डीडी समाज कल्याण आरके चौहान ने आजमगढ़ की नगर कोतवाली में तहरीर दी. इसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

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नगर क्षेत्राधिकारी शुभम तोदी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है. इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप मच गया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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