उत्तर प्रदेश

कानूनगो को कुछ दो..! महज 4000 के लिए नप गए साहब; देखें आजमगढ़ का वायरल Video

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की मार्टिनगंज तहसील एक बार फिर भ्रष्टाचार और खुलेआम रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में आ गई है. इस बार तहसील के कानूनगो रामबचन यादव का एक कथित रिश्वत लेते हुए लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया है.

आमगांव के रहने वाले पीड़ित घनश्याम ने कानूनगो पर दबाव बनाकर अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है और पैसे लेते समय का पुख्ता वीडियो सबूत होने का दावा किया है. इस खुलासे के बाद से ही मार्टिनगंज तहसील परिसर और पूरे प्रशासनिक अमले में चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है.

कोर्ट के ऑर्डर पर तामीली के नाम पर घूसखोरी

पूरा मामला जमीन की पैमाइश से जुड़ा हुआ है. पीड़ित घनश्याम के मुताबिक, गाटा संख्या 1204 पर धारा 24 का एक मुकदमा न्यायालय से फाइल हुआ था. इसी अदालती मुकदमे के अनुपालन और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर कानूनगो रामबचन यादव ने पहले तो सरकारी शुल्क के तौर पर 8 हजार रुपये जमा करवाए.

लेकिन भ्रष्ट कार्यप्रणाली की हद तब पार हो गई जब कानूनगो ने पीड़ित पर अतिरिक्त दबाव बनाया और काम रुकवाने की धमकी देकर 4 हजार रुपये की अवैध रकम ऊपर से वसूल ली. पीड़ित ने इस पूरी घूसखोरी का लाइव वीडियो अपने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सरकारी दावों की पोल खोल रहा है.

पहले भी हत्थे चढ़ चुका है तहसील का सिंडिकेट

मार्टिनगंज तहसील में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला या नया मामला नहीं है बल्कि यहां के राजस्व कर्मियों का पुराना इतिहास रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तहसील घूसखोरी का अड्डा बन चुकी है. इससे पहले भी इसी तहसील के एक और कानूनगो जयप्रकाश यादव को एंटी करप्शन की टीम ने 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था, जिसके बाद उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था.

जयप्रकाश यादव के जेल जाने के बाद भी तहसील के बाकी अधिकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरेआम कोर्ट के आदेशों की तामीली के नाम पर गरीबों की जेब काटने से बाज नहीं आ रहे हैं.

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राजस्व विभाग पर उठे गंभीर सवाल

एक के बाद एक सामने आ रहे इन शर्मनाक मामलों ने आजमगढ़ के राजस्व विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है. वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है.

लोगों ने जिला प्रशासन और आला अधिकारियों से मांग की है कि वीडियो की तत्काल जांच कराकर भ्रष्ट कानूनगो रामबचन यादव के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए और उन्हें तुरंत निलंबित कर सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को इस सरकारी सिंडिकेट के अत्याचार से मुक्ति मिल सके.

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-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

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