उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के खेड़ा जलालपुर गांव में रिश्तों ने एक ऐसा मोड़ ले लिया, जिसने न सिर्फ एक परिवार को झकझोर दिया, बल्कि पूरे गांव को हैरान कर दिया है. 52 साल की नीलम, जो 32 साल से अपने पति ओमपाल के साथ गृहस्थी संभाल रही थी, अचानक अपने 32 वर्षीय प्रेमी पप्पू यादव के साथ घर छोड़कर चली गई. तीन बेटियों की शादी कर चुकी नीलम नौ बच्चों की मां है. उसके इस फैसले ने न सिर्फ पति ओमपाल को, बल्कि पूरे गांव को सकते में डाल दिया है.
घटना की शुरुआत 22 जून 2025 को हुई, जब नीलम ने घर के बच्चों से कहा कि वह गंगा में डूबने जा रही है. तभी 10 साल की बेटी अंजलि ने तुरंत दिल्ली में काम कर रहे अपने पिता ओमपाल को फोन किया. ओमपाल रातों-रात गांव पहुंचा, लेकिन तब तक नीलम का कोई अता-पता नहीं था. जब नीलम कुछ दिन बाद लौटी, तो घरवालों को लगा कि सब सामान्य हो जाएगा. लेकिन नीलम 2 सितंबर को दोबारा घर से गायब हो गई और इस बार वह अपनी बेटी अंजलि को भी अपने साथ ले गई.
ओमपाल ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पप्पू यादव व उसके भाई वीरेंद्र के खिलाफ आईपीसी की धारा 87 BNS के तहत केस दर्ज किया गया. लेकिन 10 सितंबर को जब नीलम खुद थाने पहुंची, तो पूरा मामला बदल गया. नीलम ने कोर्ट में कहा कि वह अपनी मर्जी से पप्पू के साथ रहना चाहती है और बेटी को भी अपने साथ रखना चाहती है. अदालत ने महिला की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उसे पप्पू के साथ रहने की इजाजत दे दी.
दिल्ली में मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले ओमपाल को शायद कभी अंदाजा भी नहीं था कि जीवन इस मोड़ पर आ जाएगा. 32 साल की गृहस्थी, नौ बच्चों की जिम्मेदारी, खेत-खलिहान की देखभाल और अब यह सब एक झटके में बिखर चुका है. भावुक होते हुए ओमपाल ने कहा, “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी बीवी ऐसा करेगी. मैंने उसे और बच्चों को हर सुख देने की कोशिश की, लेकिन अब सब खत्म हो गया.” नीलम के इस फैसले की गांव में खूब चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे महिला की आजादी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग नैतिकता और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर सवाल उठा रहे हैं.
पप्पू यादव, जिससे नीलम अब अपनी जिंदगी जीना चाहती है, उसकी उम्र महज 32 साल है. दोनों के बीच कब रिश्ता बना, यह साफ नहीं है, लेकिन गांव वालों का कहना है कि ये संबंध पिछले कुछ समय से चल रहा था. कानूनी तौर पर किसी बालिग महिला को अपनी मर्जी से कहीं भी रहने का अधिकार है, बशर्ते उसमें जबरदस्ती या धोखाधड़ी शामिल न हो. अदालत ने भी इसी आधार पर फैसला सुनाया और नीलम को पप्पू के साथ रहने की इजाजत दे दी.
अब सवाल यह है कि पीछे छूट गए बच्चों और टूटे हुए पति की जिंदगी कैसे आगे बढ़ेगी? ओमपाल के लिए यह सिर्फ एक पारिवारिक संकट नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक तूफान भी है.
-भारत एक्सप्रेस
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