उत्तर प्रदेश

नदी में बार-बार उछाला, पटका और फिर… सरयू किनारे खूंखार मगरमच्छ का खौफनाक हमला, देखें VIDEO

Crocodile Attack Case: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां घाघरा (सरयू) नदी के किनारे हाथ-पैर धो रहे 12 वर्षीय सुनील सिंह को एक विशालकाय मगरमच्छ ने अपना शिकार बना लिया. मगरमच्छ बच्चे को गहरे पानी में खींच ले गया और उसे बार-बार उछालकर पटकने के बाद निगल गया. ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी में 5 घंटे का सर्च ऑपरेशन चलाकर नदी से मासूम का क्षत-विक्षत आधा शव बरामद किया. सुनील अपने माता-पिता की मौत के बाद अनाथ था और अपने चाचा के साथ रहता था.

हाथ-पैर धोते वक्त अचानक हुआ हमला (12-Year-Old Killed by Crocodile)

बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव का रहने वाला 12 वर्षीय सुनील सिंह गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था. शाम को काम खत्म करने के बाद दोनों पास ही बहने वाली घाघरा नदी के किनारे हाथ-पैर धोने पहुंचे. सुनील अभी पानी से हाथ-मुंह धो ही रहा था कि अचानक नदी से एक आदमखोर मगरमच्छ निकला और उसने पलक झपकते ही मासूम पर हमला कर दिया और उसे अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया.

मगरमच्छ का खौफनाक तांडव और बेबस ग्रामीण (Bahraich crocodile attack)

सुनील को जबड़े में दबाकर मगरमच्छ पानी के बीच ले गया. वहां उसने बच्चे को दो-तीन बार हवा में उछाला और बेरहमी से पानी की सतह पर पटका. सुनील खुद को बचाने के लिए तड़पता रहा और हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ ढीली नहीं हुई. किनारे पर खड़े चाचा और चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मगरमच्छ पर ईंट-पत्थर फेंके, लेकिन वे बेबस रहे. देखते ही देखते मगरमच्छ बच्चे के आधे शरीर को निगलते हुए गहरे पानी में गायब हो गया. इस खौफनाक मंजर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.

टॉर्च की रोशनी में 5 घंटे चला सर्च ऑपरेशन (crocodile swallows boy in Bahraich)

शाम ढलने और अंधेरा होने के बावजूद ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी. नदी का तेज बहाव होने के कारण ग्रामीणों ने बांस-बल्ली और टॉर्च की रोशनी के सहारे करीब 500 मीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, रात करीब 10 बजे घटनास्थल से 300 मीटर दूर नदी में सुनील का क्षत-विक्षत आधा शव उतराता हुआ मिला. मगरमच्छ बच्चे की कमर के नीचे का पूरा हिस्सा खा चुका था. शुक्रवार सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा.

अनाथ बच्चों के सिर से उठा आखिरी सहारा (Tragic Wildlife Attack in Bahraich)

मृतक सुनील के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. पिता बुधराज की 5 साल पहले और मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी. चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का सुनील ही घर का इकलौता चिराग था. उसकी मौत के बाद बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और छोटी बहन सीमा (7) का रो-रोकर बुरा हाल है. प्रशासन की तरफ से एसडीएम प्रकाश सिंह ने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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