उत्तर प्रदेश

पंडित जी पार लगाएंगे नैया! ब्राह्मणों के सहारे 2027 की तैयारी में मायावती, जानें कौन है BSP का पहला प्रत्याशी

BSP Mission 2027: ‘मिशन 2027’ के लिए उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज हो गया है. जहां सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई हैं, वहीं बरसों से सत्ता से दूर रही बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) इस दौड़ में सबसे आगे नजर आ रही है. साथ ही BSP प्रमुख मायावती (Mayawati) का ब्राह्मण प्रेम भी देखने को मिल रहा है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बसपा ने जालौन की माधौगढ़ विधानसभा के लिए अपना पहला कैंडिडेट घोषित कर दिया है. आशीष पांडे BSP के पहले और ब्राह्मण प्रत्याशी हैं. ब्राह्मण को टिकट देकर पार्टी ने यूपी में पीडीए (PDA) की राजनीति से आगे बढ़कर चुनावी दांव चला है, जिसे ब्राह्मण वोटरों के लिए बड़ा दांव माना जा रहा है.

बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए संगठन को सक्रिय मोड में ला दिया है. हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसपा अब बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गई है.

BSP की चुनावी तैयारियां

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान की शुरुआत कर सकती है. इसके लिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है. राज्यभर में करीब 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन की योजना बनाई गई है, ताकि हर बूथ पर पार्टी की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके. बताया जा रहा है कि बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने निर्देश दिए हैं कि 14 अप्रैल, डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती तक बूथ कमेटियों का गठन पूरा कर लिया जाए.

बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक और मायवती के भतीजे आकाश आनंद के रोड शो और जनसभाओं का सिलसिला शुरू होगा. इसके जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई है.


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कांशीराम की जयंती पर बड़ा प्रोग्राम

इसके साथ ही बसपा 15 मार्च को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से बसपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि कांशीराम की विचारधारा की असली वारिस वही है. पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जयंती कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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