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अखिलेश यादव के प्रस्तावित रायबरेली दौरे से पहले शहर में ‘वापस जाओ’ लिखे पोस्टर लगाए जाने से सियासी विवाद तेज हो गया.

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर विपक्षी दल बीजेपी को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं, तो उन्हें AIMIM से बातचीत करनी होगी क्योंकि कोई भी पार्टी अकेले बीजेपी को नहीं हरा सकती.

पूर्व पुलिस महानिदेशक और बीजेपी सांसद बृज लाल ने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आते ही सपा नेताओं की गुंडागर्दी बढ़ जाती है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने तीन संभागों के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ संगठन की जमीनी स्थिति और चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में इतनी बुरी तरह हारेगी, जितनी उन्होंने देखी नहीं होगी.

यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है. सपा जहां 60-70 सीटें देने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस 105 सीटों की मांग पर अड़ी है.

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा के आंतरिक सर्वे में गोरखपुर क्षेत्र के 15 से अधिक विधायकों की रिपोर्ट कार्ड खराब आई है, जिसके चलते कई सीटिंग विधायकों के टिकट कट सकते हैं.

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब 'मूंछों पर ताव' नया चुनावी मुद्दा बन गया है. अखिलेश यादव ने मंच से पुलिस अधिकारी को जवाब दिया, तो बीजेपी ने अतीक और मुख्तार की पुरानी तस्वीरें दिखाकर सपा को घेर लिया.

UP Politics Defection: उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले नेताओं का पाला बदलना आम बात है. 2022 के चुनावों में भी कई बड़े नामों ने पार्टी बदली लेकिन सभी सफल नहीं हुए.

UP ELECTION 2027 SURVEY: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर 'Vote Vibe' के हालिया सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं. सर्वे के अनुसार, वोट शेयर के मामले में बीजेपी गठबंधन 41.8% के साथ आगे है, वहीं मुख्यमंत्री पद की रेस में योगी आदित्यनाथ 43.4% समर्थन के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं.

Mayawati on Vande Mataram: देश में चल रहे 'वन्दे मातरम्' विवाद के बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बड़ा राजनीतिक धमाका किया है. उन्होंने इसे जनता का ध्यान भटकाने की सियासी चाल बताते हुए बेरोजगारी, जेन-जी और बाढ़ जैसे असली मुद्दों पर फोकस करने की सख्त नसीहत दी है.