नोएडा में सौरभ दास का विरोध
CJP Sourav Das Greater Noida: राजनीति में प्रासंगिकता तलाशने की छटपटाहट जब कैमरे की नौटंकी में तब्दील हो जाती है तो जनता का सब्र टूट जाता है. इसका ताजा नमूना ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में देखने को मिला. खुद को ‘स्कूल सुधारक’ साबित करने निकले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया और साफ कह दिया कि हमें तुम्हारी जरूरत नहीं है. बिना किसी अनुमति के स्कूलों में घुसने की कोशिश पर उन्हें विरोध और गुस्से के आगे उल्टे पैर भागना पड़ा.
यह पहली बार नहीं है जब जनता ने CJP के इस ‘जबरन मसीहा’ बनने के ढोंग को सिरे से खारिज किया हो. राजस्थान की पुरानी घटना अभी लोगों के जेहन से मिटी भी नहीं है, जहां ‘तबेले में स्कूल’ का कथित स्टंट करने गए पार्टी के दूसरे सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था. अब ग्रेटर नोएडा में भी वही पुराना ड्रामा दोहराया गया.
सौरव दास अपनी टीम और कैमरों के साथ सूरजपुर क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालयों देवला, जैतपुर और मकोड़ा का अचानक ‘ऑडिट’ करने पहुंचे थे. लेकिन ग्रामीणों और शिक्षकों को उनकी यह बिन बुलाई दखलंदाजी बिल्कुल रास नहीं आई.
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ताले और पुलिस पहरा: देवला गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचने से पहले ही स्कूल का गेट बंद था और पुलिस बल तैनात था. शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के निर्देशानुसार बिना आधिकारिक अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं है.
हमारे बच्चे ठीक पढ़ रहे हैं: स्कूल के बाहर जमा हुए ग्रामीणों ने सौरव दास का घेराव कर लिया. ग्रामीणों ने दो-टूक कहा कि वे यहां के मूल निवासी हैं, स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं और बच्चों की पढ़ाई ठीक चल रही है. कुछ बाहर से आए किराएदारों की बातों में आकर CJP नेता जबरन माहौल खराब करने और बच्चों की पढ़ाई में रुकावट डालने आ पहुंचे हैं.
धक्का-मुक्की पर पुलिस का दखल: देखते ही देखते ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और CJP कार्यकर्ताओं के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई. स्थिति बेकाबू होते देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया और सौरव दास की टीम को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला.
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ग्रेटर नोएडा के बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने इस पूरे मामले पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि सूरजपुर क्षेत्र के देवला, मकोड़ा और जैतपुर के सभी प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रहे हैं. जो लोग वहां अचानक मुआयना करने पहुंचे थे, उनके पास स्कूल परिसर में प्रवेश करने की कोई कानूनी अनुमति नहीं थी. बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए उन्हें बाहर ही रोका गया.
CJP नेताओं की यह फितरत बन चुकी है कि जब जमीन पर जनता नकार देती है, तो वे एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ज्ञान बांटने लगते हैं. देवला में जब ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया, तो सौरव दास ने स्कूल के बाहर खड़े होकर वीडियो बनाया और यूपी सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि स्कूलों को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, लेकिन सरकार ने मंदिरों पर ताले लगा दिए.
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