महाकुंभ नगर: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में प्रयागराज के विश्व विख्यात एप्पल गुवावा की चर्चा के बगैर अधूरा है. प्रयागराज में अमरूद महोत्सव का आयोजन किया गया. प्रयागराज रेलवे स्टेशन के समीप स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में रविवार 16 फरवरी को अमरूद महोत्सव मनाया गया.
संगम के अलावा प्रयागराज की एक और पहचान है यहां का एप्पल गुवावा. अपनी खास मिठास और खास कलर के लिए फलों के बीच अलग पहचान रखने वाले प्रयागराज के एप्पल गुवावा सहित 11 प्रजातियों ने अमरूद महोत्सव में अपना जलवा बिखेरा. उद्यान उप निदेशक डॉ० कृष्ण मोहन चौधरी बताते है कि अमरूद महोत्सव में 11 प्रकार के अमरूद की प्रदर्शनी की गई.
एप्पल कलर, ललित, सरदार, धवल, चित्तीदार, इलाहाबादी सुरखा इत्यादि फसलों के अमरूद की प्रतियोगिता की गई जिसके मूल्यांकन के लिए कृषि विश्वविद्यालय से कृषि वैज्ञानिकों ने अपने अनुभव से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिया. कार्यक्रम में उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किया.
कुम्भ नगरी प्रयागराज की अगर धार्मिक पहचान यहां तीन पावन नदियों का मिलन स्थल संगम है तो इसकी दूसरी पहचान यहां का सुर्खा अमरूद जिसने अपने ख़ास स्वाद और रंग की वजह से देश भर में फलों के बीच अपनी पहचान कायम रखी है. विल्ट डिजीज, फ्रूट फ्लाई और रेड नॉट नेमेटोड की चपेट में चल रही प्रयागराज और कौशांबी की अमरूद फल पट्टी में मौसम की मार ने जमकर नुकसान पहुंचाया है.
योगी सरकार किसानों के साथ आई जिसके बाद इसे पुनर्जीवन मिला है. उद्यान विभाग के उप निदेशक कृष्ण मोहन चौधरी बताते हैं कि अमरूद में फ्रूट फ्लाई से बचाव के लिए फेरोमेन ट्रैप पेड़ों में बांधे गए जिससे फ्रूट फ्लाई का संकट लगभग समाप्त हो गया. अमरूद के उत्पादन पर ताइवान के अमरूद के जरिए रुट नॉट निमेटिड का भी हमला हुआ. बाहर से आने वाले अमरूद पर रोक लगाकर प्रशासन ने इसे रोक लिया.
इसके अलावा पहली बार अमरूद के फलों में बैगिंग की गई जिससे अमरूद की विदेशों में मांग बढ़ी. अमरूद का निर्यात बढ़ा. हमारी एकता ही देश की अखंडता का आधार :योगी आदित्यनाथ
महाकुंभ नगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रयागराज में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के महत्व और सनातन धर्म की महिमा पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकता का संदेश देने वाला पर्व है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने हमें एकता का संदेश दिया है.
यह संदेश हमें अखंड रहने की प्रेरणा देता है. हमारी एकता ही देश की अखंडता का आधार है. जब भारत अखंड और सुरक्षित रहेगा, तभी हमारे धर्मस्थल, पर्व-त्योहार, मठ-मंदिर, हमारी बेटियां और बहनें सुरक्षित रहेंगी.
योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म के प्रति गर्व की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि बिना किसी संकोच के हमें सनातन धर्म के साथ आगे बढ़ना होगा. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं. हिंदू होने का अर्थ केवल मनुष्यों के कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण चराचर जगत की सुरक्षा की गारंटी देता है. यही संदेश महाकुंभ भी दे रहा है.
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि 13 जनवरी से 16 फरवरी तक 33 दिनों में लगभग 52 करोड़ श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं और इतने विशाल जनसमूह का समागम संभव नहीं है. जो लोग सनातन धर्म को कोसते हैं, उन्हें इस विराट स्वरूप का दर्शन करना चाहिए, जिससे उन्हें अपनी मानसिकता पर आत्मग्लानि होगी.
मुख्यमंत्री ने कुछ लोगों पर भारत, भारतीयता और सनातन धर्म के खिलाफ षडयंत्र करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म कभी भी उनके षडयंत्रों का शिकार नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जो भी सनातन धर्म के खिलाफ षडयंत्र रचने की कोशिश करता है, उसे हमेशा हार का सामना करना पड़ा है, ऐसे लोग हमेशा मुंह की खाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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