Kanpur Lamborghini Accident: कानपुर में हुआ हाई-प्रोफाइल लैम्बोर्गिनी दुर्घटना मामला अब फिल्मी होता जा रहा है. आए दिन कहानी में नए-नए दावे किये जा रहे हैं. अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है. दरअसल मोहन नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि दुर्घटना के समय गाड़ी वो चला रहा था. टक्कर होने से पहले उसके मालिक शिवम मिश्रा को दौरा पड़ गया था, जिसकी वजह से वो उसके उपर गिर आया.
मोहन ने कहा,
मैं मालिक को संभालने लगा तभी कार दूसरे वाहनों से टकरा गई और डिवाइडर पर चढ़कर रुक गई. जिसके बाद वो कार से बाहर निकला और उन्हें खींचकर ड्राइवर वाली सीट पर बैठाया. जब पुलिस आई तो मैं उस समय बाहर खड़ा था.
दरअसल 8 फरवरी दिन रविवार को दोपहर करीब 3 बजे कानपुर के ग्वालटोली इलाके में एक लैम्बोर्गिनी कार ने 6 लोगों को उड़ा दिया था. इस लैम्बोर्गिनी कार की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार को घेर लिया, तभी कार के पीछे दूसरी कारों में बैठे बाउंसर्स बाहर निकले और लोगों को धक्का देकर पीछे हटाए और कार के अंदर से कानपुर के दिग्गज कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बाहर निकाला.
जिसके बाद पुलिस मौके पर आई और कार को जब्त कर थाने ले आई. इसी बीच लोग थाने पहुंच गए और आरोपी शिवम मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने का दबाव बनाने लगे. जिसपर शिवम मिश्रा के बाउंसर्स ने लोगों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. लोगों का आरोप था कि पुलिस शिवम मिश्रा को बचा रही है इसलिए केस में उसका नाम नहीं डाल रही है. हालांकि बाद में पुलिस ने शिवम मिश्रा का भी केस में नाम डाल दिया.
इस घटना के संबंध में शिवम के पिता केके मिश्रा ने गजब दावा किया है. उन्होंने कहा है कि हादसे के समय गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था. उसे मिर्गी की बीमारी है और इस समय दिल्ली में उसका इलाज चल रहा है.
हालांकि कानपुर पुलिस ने केके मिश्रा के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. पुलिस कमिश्नर का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीद गवाहों और अन्य सबूतों में दिख रहा है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया है, जिसमें ड्राइवर वाली सीट से शिवम बाहर निकलता दिख रहा है.
आरोपी शिवम मिश्रा के पिता के.के मिश्रा का कहना है कि हादसे के समय गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था. वहीं कथित ड्राइवर मोहन ने कहा है कि हादसे के समय गाड़ी वो चला रहा था. हादसे के बाद उसने बचाने के लिए उन्हें खींचकर अपनी सीट पर बैठा दिया और मैं बाहर निकल आया. आइये दोनों के दावों की पड़ताल करते हैं. पहले के.के मिश्रा का बयान जानिये…
बयान- हादसे के समय गाड़ी शिवम मिश्रा नहीं चला रहा था.
सवाल- इस हादसे के बाद गाड़ी को मौके पर मौजूद लोगों और घायलों ने घेर लिया. कई लोग इसका वीडियो भी बना रहे थे. जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इन वायरल वीडियो के मुताबिक हादसे के बाद गाड़ी से सिर्फ एक ही व्यक्ति बाहर निकला और वो था शिवम मिश्रा. इस आधार पर के.के मिश्रा का बयान संदिग्ध लग रहा है.
बयान- उसे मिर्गी की बीमारी है
सवाल- वायरल हो रहे वीडियो और चश्मदीदों के मुताबिक गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. तो सवाल ये है कि जिस लड़के को मिर्गी की बीमारी है उसके हाथ में गाड़ी की चाबी क्यों दी गई? सोशल मीडिया पर उसके कई ऐसी फोटो और वीडियोज है जिसमें वो लग्जरी कारों को चला रहा है. ऐसे में सवाल ये है कि जिस व्यक्ति को मिर्गी की बीमारी है उसे गाड़ी चलाने की अनुमति क्यों दी गई.
वहीं लैम्बोर्गिनी हादसा मामले में पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद के.के मिश्रा के घर गई तो दरवाजा नहीं खोला गया, जो बड़ा संदेह खड़ा कर रहा है. सवाल ये उठ रहा है कि आखिर जब शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था तो पुलिस को घर की तलाशी क्यों नहीं लेने दी गई?
दावा- खुद को शिवम मिश्रा का ड्राइवर बताने वाले मोहन ने दावा किया है कि हादसे के समय गाड़ी वो चला रहा था.
सवाल- वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लैम्बोर्गिनी कार से सिर्फ शिवम बाहर निकल रहा है. उसके अलावा कार में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था.
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दावा- हादसा होने के बाद मोहन ने शिवम को खींचकर अपनी सीट पर बैठाया.
सवाल- जिस लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार से ये हादसा हुआ, उसकी जमीन से लेकर कार की कुल ऊंचाई ही 116 cm यानी 1 मीटर से थोड़ा ज्यादा है. यह कार दो सीटर होती है, जो बेहद शक्तिशाली 6.5-लीटर, नेचुरल एस्पिरेटेड V12 इंजन के साथ आती है. इस कार में 6 फीट लंबा व्यक्ति बहुत मुश्किल से बैठ पाता है. तो इतनी जल्दी ड्राइवर कैसे सीट एक्सचेंज कर लिया?
दावा- मीडिया ने जब मोहन से सवाल पूछा कि कार में कितने गियर होते हैं? तो मोहन ने जवाब दिया कि 9 गियर होते हैं.
सवाल- लैंबोर्गिनी कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियर के साथ आती है. तो फिर मोहन के कार में 9 गियर कैसे आ गए.
के.के मिश्रा का परिवार कानपुर के सबसे समृद्ध व्यवसायी परिवारों में आता है. शिवम मिश्रा इन्हीं के.के. मिश्रा का बेटा है. के.के मिश्रा की कंपनी का नाम बंशीधर टोबैको ग्रुप है. जो पिछले 90 सालों से चल रही है. यह कंपनी बड़े पान मसाला और गुटखा फैक्ट्रियों को कच्चे माल और तंबाकू की सप्लाई करती है. जिसका नेटवर्क, यूपी से लेकर दिल्ली, मुंबई और गुजरात तक है.
-भारत एक्सप्रेस
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