उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 4.5 करोड़ से अधिक शिवभक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

रिपोर्ट- पवन सेंगर


सावन का महीना आते ही उत्तर प्रदेश की सड़कों पर एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है. इस बार गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार तक कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि यह यात्रा एक नए रिकॉर्ड के तौर पर सामने आई है.

आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से ज्यादा कांवड़िए कांवड़ यात्रा का हिस्सा बने. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने के बावजूद यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को सुरक्षित तरीके से संभालने की थी. राहत की बात रही कि यात्रा के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना सामने नहीं आई और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई.

कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद से हरिद्वार जाने वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं. कोई पैदल चल रहा था तो कोई समूह में भजन और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहा था. रास्ते में जगह-जगह कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर भी लगाए गए, जहां उनके खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई.

इस पूरे सफर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा. उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में भी सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची है.

मुजफ्फरनगर में प्रशासन की कड़ी निगरानी

कांवड़ यात्रा के लिहाज से मुजफ्फरनगर सबसे अहम पड़ावों में माना जाता है. यहां से बड़ी संख्या में कांवड़िए होकर गुजरते हैं. ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ यातायात सुचारु रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी थी.

जिला प्रशासन की टीमें लगातार सड़क पर मौजूद रहीं. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम भी किया गया है. अधिकारियों ने यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच किसी तरह की परेशानी ना हो.

रिकॉर्ड भीड़ के बीच सुरक्षित रही यात्रा

इस बार कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ने प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं की बड़ी परीक्षा रखी. करोड़ों लोगों की आवाजाही के बीच यातायात, सुरक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाओं को संभालना आसान काम नहीं था. इसके बावजूद यात्रा के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना का सामने ना आना प्रशासन के लिए राहत की बात रही.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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