उत्तर प्रदेश

करोड़ों की लागत… फिर भी ‘कमजोर’ छत! लखनऊ में मेदांता अस्पताल की सीलिंग गिरते ही खुली पोल, सुरक्षा पर बड़ा सवाल

up news: लखनऊ/रवि: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित मेदांता हॉस्पिटल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के रिसेप्शन के पास ऊपरी हिस्से की साइड वाली सीलिंग अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके को खाली कराया गया और सुरक्षा कर्मियों ने मौके को घेर लिया.

प्रत्यक्षदर्शियों क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीलिंग गिरने की तेज आवाज सुनते ही लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है. हालांकि, हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में रिसेप्शन क्षेत्र के पास सीलिंग का मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है. वायरल वीडियो के बाद लोग अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली और भवन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

मल्टी-सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल

गौरतलब है कि लखनऊ का मेदांता हॉस्पिटल उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मल्टी-सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों में गिना जाता है. यह अस्पताल करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. सुशांत गोल्फ सिटी में लगभग 12.58 एकड़ क्षेत्र में फैले इस अस्पताल का बिल्ट-अप एरिया करीब 14 लाख वर्ग फुट है. अस्पताल की इमारत में दो बेसमेंट, लोअर ग्राउंड फ्लोर, अपर ग्राउंड फ्लोर और 11 ऊपरी मंजिलें शामिल हैं.


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1000 बेड की सुविधा

मेदांता में वर्तमान में 1,000 बेड की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा यहां 300 आईसीयू बेड और 20 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर भी संचालित हैं. आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस इस अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.

ऐसे में अस्पताल परिसर के भीतर सीलिंग गिरने जैसी घटना ने मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की निगाहें अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हैं. यदि इस मामले में तकनीकी जांच कराई जाती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीलिंग गिरने की वजह निर्माण संबंधी खामी थी या रखरखाव में लापरवाही.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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