उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से इस समय अपराध की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली दास्तां (Meerut Nurse Murder Case) सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर चिकित्सा जगत तक सबको झकझोर कर रख दिया है. दरअसल मेरठ के एक नामी निजी अस्पताल में तैनात एक छब्बीस वर्षीय लेडी नर्स नेहा की अस्पताल के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
बता दें कि शुरुआत में इस खौफनाक वारदात को एक सामान्य खुदकुशी का रूप देने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन जब पुलिस ने इस रहस्यमयी मौत के पीछे का सच खंगालना शुरू किया, तो अस्पताल के सुरक्षित कहे जाने वाले केबिन के अंदर रची गई एक बहुत बड़ी और खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया.
पुलिस तफ्तीश में साफ हुआ है कि महिला नर्स की मौत किसी बीमारी या अवसाद से नहीं हुई, बल्कि उसके सगे प्रेमी ने ही अपने एक दोस्त के साथ मिलकर उसे ग्लूकोज की बोतल में एक बेहद खतरनाक जहरीला इंजेक्शन लगाकर मौत की नींद सुला दिया.
यह पूरी वारदात मेरठ के थाना लोहियानगर क्षेत्र के अंतर्गत हापुड़ रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल की है. मृतका नेहा इसी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर यानी ओटी में बतौर नर्स तैनात थी और मरीजों की देखभाल करती थी. नेहा के पति की करीब डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी थी और वह अपने पीछे एक छोटे बच्चे को छोड़ गई है. रोजाना की तरह जब नेहा अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर थी और अचानक उसकी संदिग्ध हालत में लाश मिली, तो पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया.
नेहा की मौत की खबर मिलते ही उसके ससुराल पक्ष के लोग भारी तादाद में अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व वहां के स्टाफ पर सीधे तौर पर जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर जांच का जाल बिछाया.
पुलिस ने जब मामले (Meerut Nurse Murder Case) की गहराई से तफ्तीश शुरू की और अस्पताल के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, तो उसमें सुरेश नामक एक बाहरी युवक की आवाजाही बेहद संदिग्ध पाई गई. पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सुरेश और उसके एक साथी फरमान को हिरासत में ले लिया और जब थाने लाकर उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो सुरेश टूट गया और उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस अफसरों के भी पैरों तले जमीन खिसक गई.
बताते चलें सुरेश ने कुबूल किया कि उसका नर्स नेहा के साथ पिछले काफी समय से अवैध प्रेम प्रसंग चल रहा था. नेहा लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन सुरेश पहले से ही शादीशुदा था और एक बच्चे का पिता था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर भयंकर विवाद होता था और सुरेश उसे रास्ते से हटाने का मौका ढूंढ रहा था.
घटना (Meerut Nurse Murder Case) वाले दिन जब नर्स नेहा की तबीयत अचानक थोड़ी खराब हुई और वह इलाज के लिए अस्पताल के बेड पर आई, तो सुरेश ने उसे हमेशा के लिए खामोश करने का अंतिम और खौफनाक प्लान बना डाला. सुरेश ने अपने साथी फरमान की मदद से नेहा को चढ़ाई जा रही ग्लूकोज की ड्रिप की बोतल में एक बेहद जहरीला इंजेक्शन मिक्स कर दिया. एक नर्स होने के बावजूद नेहा इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि उसे जिंदगी देने वाली ड्रिप में मौत का सामान मिलाया जा चुका है.
जहर शरीर में फैलते ही नेहा की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इस जघन्य हत्याकांड को एक सामान्य खुदकुशी साबित करने के लिए सुरेश ने पहले से ही अपने हाथ से एक फर्जी सुसाइड नोट लिख रखा था, जिसे उसने चालाकी से नेहा के शव के पास रख दिया ताकि पुलिस गुमराह हो जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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