UP News SIR: मेरठ में एसआईआर के नोटिस की सुनवाई में लापरवाही बरतना खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को भारी पड़ गया. वो बिना किसी सूचना के तीन दिन की छुट्टी पर चले गए थे. फोन भी रिसीव नही कर रहे थे. जब वो सोमवार (2 फरवरी) को लौटे तो एसडीएम ने नाराजगी जताई और बिना कुछ बात किए पुलिस हिरासत में थाने भेज दिया. चार घंटे थाने में वह बैठे रहे. हालांकि बाद में उनका मेडिकल कराकर छोड़ दिया गया.
मेरठ की सरधना तहसील में एसआईआर (SIR) के बाद जारी हुए नोटिस की सुनवाई चल रही है. एसडीएम के अलावा तहसीलदार व अन्य अधिकारी इस काम में लगे थे. खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना को सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (AERO) के काम में लगाया गया था. तहसील सभागार में उनकी ड्यूटी लगी थी. तीन दिन पहले वो बिना बताए अनुपस्थित हो गए जिसके चलते सुनवाई के लिए आने वाले वोटरों को परेशान होना पड़ा.
एसडीएम ने तुरंत नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को उनका कार्य सौंपकर सुनवाई शुरू कराई. इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ. उन्होंने किसी अधिकारी या कर्मचारी के फोन रिसीव नहीं किए. जांच कराई गई तो पता चला वो तीन दिन की छुट्टी का आवेदन देकर गए हैं, जिस पर उन्हें छुटटी की स्वीकृति नहीं मिली. बावजूद इसके वो काम छोड़कर चले गए.
सोमवार को जब श्याम मोहन ड्यूटी पर वापस लौटे और तुंरत ही एसडीएम के पास पहुंचे. एसडीएम ने उनसे अनुपस्थित होने का कारण पूछा तो उन्होंने तबीयत खराब होने की बात कही. एसडीएम ने उन्हें बाद में बात करने की बात कही और पुलिस हिरासत में थाने भिजवा दिया. कई घंटे वह थाने में बैठे रहे. बाद में पुलिस ने एसडीएम के निर्देश पर उनका मेडिकल कराया और उन्हें छोड़ दिया.
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सरधना एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने पुलिस में लिखित शिकायत करते कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना एईआरओ पद पर तैनात किए गए थे. तीन दिन से बिना सूचना के वह लापता थे. छुट्टी स्वीकृत नहीं होने के बाद भी वह लखनऊ चले गए. उनके द्वारा तबीयत खराब होने की बात कही गई. उनका मेडिकल कराया गया है. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेज दी गई है.
खंड शिक्षाधिकारी श्याम मोहन ने बताया कि मैं छुट्टी का आवेदन देकर गया था, जो स्वीकृत नहीं की गई. मेरी व पत्नी की तबीयत खराब थी, जिसके चलते मैं लखनऊ चला गया था.
-भारत एक्सप्रेस
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