नोएडा के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने आने वाले मरीजों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं. उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम करने वाले सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है.
सैलरी नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं. हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की संख्या भी काफी बड़ी है.
जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 547 नर्सिंग स्टाफ इस आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं. अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इनकी गैरमौजूदगी का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है.
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि यह सिर्फ नोएडा तक सीमित आंदोलन नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में NHM के कर्मचारी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं. संगठन के जिला महामंत्री अशुदीप ने बताया कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी. उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक सैलरी नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
अशुदीप ने कहा कि ‘हम लोग कई महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं, अब हालात ऐसे हो गए हैं कि घर चलाना भी मुश्किल हो गया है. इसलिए मजबूरी में हमें काम बंद करना पड़ा है.’
वहीं दूसरी तरफ, नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की ओर से इस मामले में बयान दिया गया है. CMO नरेंद्र कुमार ने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों की सैलरी को लेकर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और आज शाम तक सभी लंबित भुगतान जारी कर दिए जाएंगे.
उनके इस आश्वासन के बाद भी कर्मचारी फिलहाल धरने पर डटे हुए हैं और साफ कह रहे हैं कि जब तक पैसा उनके खातों में नहीं पहुंचता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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