उत्तर प्रदेश

उन्नाव में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा! 2002 में पिता को मरा बताकर हथिया ली नौकरी, पड़ोसी ने कर दिया भंडाफोड़

Unnao Teacher Fraud: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में फर्जीवाड़ा का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बेटे ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स पेश कर अपने पिता को मृत दिखा दिया और उनकी सरकारी नौकरी खुद हथिया ली. मामला खुलने पर प्रशासन हरकत में आया और जांच में जुट गया.

दरअसल यह पूरा मामला उन्नाव के सोहरा मऊ थाना क्षेत्र के मझरिया गांव का है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि सपा नेता के बहनोई श्रीराम यादव एक अध्यापक थे. इनको 2002 में कागज में मृत दिखाकर उनके बेटे राम बरन यादव ने नौकरी ले ली. लेकिन साल 2014 में सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए गए श्रीराम के नाम जमीन का बैनामा हुआ.

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कागज में मृत दिखाये गए श्रीराम यादव अभी भी जिंदा हैं. सरकारी रिकॉर्ड में पिता को मृत दिखाकर नौकरी हासिल करने वाले रामबरन वर्तमान में हिलौली क्षेत्र के खेरवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हैं.

मौत 2002 में पर 2014 में जमीन का बैमाना

जमीन के इस बैनामे ने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए. अगर श्रीराम की मौत साल 2002 में हो चुकी थी, तो 2014 में उनके नाम जमीन का बैनामा कैसे हुआ? इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिक्षक रामबरन की सेवा पुस्तिका में दर्ज हस्ताक्षर और वर्ष 2014 के जमीन के बैनामे में मौजूद हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का मिलान कराया जाए. शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर दोनों दस्तावेजों में दर्ज हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की जांच कराई जाती है तो मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

मामले की जांच में जुटा शिक्षा विभाग

इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम, शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से शिकायत की है. शिकायत में पूरे प्रकरण की जांच कराने और कथित फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोपों की सत्यता सामने लाने की मांग की गई है.

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मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग भी जांच में जुट गया है. अब जांच में यह देखा जाएगा कि वर्ष 2002 में श्रीराम की मृत्यु से जुड़े कौन से दस्तावेज विभागीय रिकॉर्ड में लगाए गए थे और मृतक आश्रित के आधार पर रामबरन को नौकरी देने की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई थी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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