अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में आना सम्मान की बात है और अमेरिका आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है.
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सेना, तकनीक और ऊर्जा क्षमता दुनिया में सबसे आगे हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया अमेरिकी अर्थव्यवस्था को देखकर जलती है, अमेरिकी सेना सबसे ताकतवर है और ऊर्जा से पूरी दुनिया चल रही है.
President Trump Delivers Remarks, Sep. 22, 2026 https://t.co/O9E7N4zE0q
— The White House (@WhiteHouse) September 22, 2026
ट्रंप ने कहा,
“जहां दूसरों ने सिर्फ बातें कीं, मैंने काम किया. जहां दूसरों ने शांति की बात की, मैंने शांति कायम की. जहां दूसरों ने खतरों को नजरअंदाज किया, मैंने उनका सामना किया.”
व्हाइट हाउस ने भाषण से पहले बताया था कि वे ईरान को परमाणु हथियार न देने, गाजा शांति योजना, पश्चिमी गोलार्ध में कार्टेल हिंसा और ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति जैसे मुद्दों पर अमेरिकी शक्ति का उल्लेख करेंगे.
ईरान उनके भाषण का केंद्र रहा. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा. अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात महीने से सैन्य टकराव चल रहा है. ट्रंप प्रशासन इसे परमाणु खतरे से निपटने का कदम बताता है, जबकि आलोचक मानवीय नुकसान, ऊर्जा बाजार और युद्ध अपराधों के आरोपों की बात करते हैं.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं और 23 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे. ट्रंप ने पहले कहा था कि वे उनसे मुलाकात के लिए तैयार हैं. दोनों नेताओं की एक ही शहर में मौजूदगी ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है.
ट्रंप ने 11 सितंबर की 25वीं बरसी और 7 अक्टूबर के हमले का भी जिक्र करने की योजना बनाई थी. उन्होंने गाजा के लिए अपनी 20 सूत्री शांति योजना का हवाला देने की बात कही थी. भाषण में संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय और वैश्विक कर जैसे मुद्दों पर भी कठोर रुख की उम्मीद जताई गई थी. तैयार अंशों में कहा गया था कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, कोई वैश्विक कर नहीं लगेगा.
इससे पहले महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नियमन और वैश्विक सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि एआई इतनी तेजी से आगे बढ़ा है कि इसे बनाने वाले भी हैरान हैं. गुटेरेस ने 7 अक्टूबर के हमले की निंदा की और गाजा में भारी तबाही का उल्लेख किया.
वहीं, ट्रंप के इस भाषण के बाद ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री अंडी बर्नम और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात के आसार हैं.
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