UP News: उपेंद्र गोस्वामी/महोबा: विकास के तमाम दावों के बीच उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से मानवता और सरकारी दावों को शर्मसार करने वाली एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. गांव में श्मशान घाट की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए खेतों और जंगलों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद गांव की इस बदहाली ने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह पूरा मामला महोबा जिल के पनवाड़ी ब्लॉक अंतर्गत बीहट गांव का है. गांव वालों का आरोप है कि वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीने को मजबूर हैं. ग्रमिणों ने बताया कि गांव में न तो श्मशान घाट है, न ही पक्की सड़कें और न ही बारात घर जैसी प्राथमिक सुविधाएं.
वहीं गाव वालों को बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा मुसिबतों का सामना करना पड़ता है. बुनयादी सुविधाओं को लेकर हालात इतने बेकार हो जाते हैं कि जब किसी ग्रामीण की मौत होती है तो खुले में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है. पानी और कीचड़ के बीच तिरपाल या लकड़ियों के सहारे किसी तरह अंतिम क्रिया पूरी करनी पड़ती है, जो परिजनों और पूरे गांव के लिए अत्यंत कष्टदायक होता है.
बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गांव में जल्द से जल्द श्मशान घाट का निर्माण कराने और पक्की सड़क जैसी जरूरतें पूरी करने की पुरजोर मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर खींचने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब देखना यह होगा कि सुस्त पड़ा प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है.
यह भी पढ़ें: ‘चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो’: राम मंदिर चंढावा चोरी के आरोपों पर भड़के संत तो कर दिया गया नजरबंद
-भारत एक्सप्रेस
UP News: कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां थाईलैंड की एक युवती…
सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की पीठ ने 22 साल पुराने 'द हिंदू' विवाद को…
जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी के बाद सुरक्षा बलों ने बड़ा तलाशी…
भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास…
CJI सूर्यकांत ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह…