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‘चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो’: राम मंदिर चंढावा चोरी के आरोपों पर भड़के संत तो कर दिया गया नजरबंद

अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर संतों में आक्रोश है. कंप्यूटर बाबा और प्रकाशानंद गिरी महाराज ने प्रशासन पर बैठक रोकने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है.

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राम नगरी अयोध्या में कथित चंदा चोरी के आरोपों को लेकर संत समाज का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. मामले में निष्पक्ष जांच और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है. संतों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी शांतिपूर्ण बैठक को जबरन रोकने की कोशिश की और कार्यक्रम स्थल तक पहुंच रहे संतों को रास्ते में ही रोक दिया गया.

‘अभी बड़ी मछलियां है बाहर’

राष्ट्रीय उच्च अधिकार समिति के राष्ट्रीय महासचिव कंप्यूटर बाबा ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संत समाज केवल शांतिपूर्ण ढंग से बैठक कर इस पूरे चंदा चोरी प्रकरण पर चर्चा करना चाहता था. लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल की घेराबंदी कर दी और संतों के प्रवेश पर रोक लगा दी.

‘चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो’ के नारे लगाते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा कि इस मामले में अब तक सिर्फ छोटी मछलियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि असली मास्टरमाइंड और बड़ी मछलियां जांच के दायरे से बाहर हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चोरी हुआ धन कहां गया? अगर मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई, तो संत समाज देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगा.

CBI और रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाशानंद गिरी महाराज ने प्रशासन और एलआईयू (LIU) जैसे खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम की कथित चोरी हो गई और स्थानीय खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी? संतों की मांग है कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए.

वहीं, रसिक पीठाधीश्वर जनमेजय शरण महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का सच सामने लाने की बात कही थी, लेकिन अब तक की जांच से संत समाज संतुष्ट नहीं है. उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो.

संतों ने किसी को भी समय से पहले क्लीन चिट देने पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि चोरी की गई पूरी रकम बरामद की जानी चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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