उत्तर प्रदेश

असंतोष या सिर्फ सियासी शोर? क्या सच में योगी सरकार से छिटक रहा है यूपी का ब्राह्मण समाज? पढ़ें- EXPLAINER

UP Brahmin Politics: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को लेकर सियासत की धार लगातार तेज हो रही है. 10 प्रतिशत जनाधार रखने वाले इस जाति को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेंकने में लगे हुए हैं. हाल में पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्न हो, या यूजीसी गाइडलाइन का मुद्दा हो या फिर अविमुक्तेश्वरानंद विवाद हो, सभी मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी अब ब्राह्मणों के लिए सही पार्टी नहीं है.

इसी बीच ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने के लिए समाजवादी पार्टी ने नए पैंतरे चल दिये हैं. यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पर मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है, जो समाज को जाति और धर्म में बांटने का काम कर रही है. यह सनातनियों का अपमान है.

पिछले दो सालों से पीडीए के रथ पर सवार समाजवादी पार्टी में पीडीए में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक हैं. हालांकि एक का अर्थ समय-समय पर बदलता रहता है, कभी ए-अगड़ा बन जाता है तो कभी अल्पसंख्यक. माना जा रहा है कि सपा ब्राह्मण वोटों को अपने पाले में लाने के लिए टिकटों में इस शिक्षित जाति को तरजीह दे सकती है.

ब्राह्मण वोट अहम क्यों?

इस सवाल का जवाब इतिहास में छिपा है. आमतौर पर 10 फीसदी जनाधार रखने वाले ब्राह्मणों को बीजेपी का कोर वोटर माना जाता है. बीजेपी को अक्सर ब्राह्मण-बनिया पार्टी कहकर विपक्षी दलों के द्वारा संबोधित किया जाता है. लेकिन साल 2007 में मायावती के एक फॉर्मूले ने सारे समीकरणों को ध्वस्त कर दिया था. दरअसल मायावती ने दलितों को ब्राह्मणों से जोड़ने के लिए एक फॉर्मूला लाया. जिसका नतीजा ये हुआ कि लंबे अरसे के बाद उत्तर प्रदेश में किसी एक पार्टी को बहुमत मिला. बसपा ने 403 सीटों में से 207 सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश में बहुतम की सरकार बना ली.

साल 2012 में जनेश्वर मिश्र को समाजवादी पार्टी ने अपनी तरफ कर लिया और ब्राह्मण वोटों की कमान उन्हें सौंप दी. फिर क्या था, समाजवादी पार्टी ने 225 सीटों पर जीत दर्ज कर यूपी की सियासत में खलबली मचा दी. उस समय भी यह माना गया कि ब्राह्मणों के वोट के चलते यूपी में सपा की सरकार बनी.

क्या बीजेपी से नाराज हैं ब्राह्मण?

इसका जवाब एक घटना से शुरू करते हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई. जिसपर यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी काफी गुस्सा हुए. उन्होंने वार्निंग देते हुए इस प्रकार की जातीय बैठक नहीं करने की बात कही. जिसपर विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से पूछा कि जब लखनऊ में क्षत्रिय विधायक बैठक कर सकते हैं तो फिर ब्राह्मणों में क्या दिक्कत है? विपक्ष ने इसे ब्राह्मणों का अपमान बताया.

पहले शंकराचार्य विवाद अब ‘पंडित’ विवाद

इसके कुछ समय बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज में संगम स्नान से रोका गया. यह मुद्दा भी खूब वायरल हुआ. इसके खिलाफ कई ब्राह्मण सरकारी अधिकारियों ने रोष जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन अधिकारियों में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्रिहोत्री. अलंकार ने इस्तीफा देते हुए कहा कि यह सरकार ब्राह्मण विरोधी है और सरकार के इस हरकत से पूरा ब्राह्मण समाज दुखी है. हालांकि अविमु्क्तेश्वरानंद विवाद को लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने खुद माफी मांगी और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया.

ये भी पढ़ें- नाव पर नमाज, फिर चिकन बिरयानी की दावत! वाराणसी में 14 लोग हुए गिरफ्तार

इन घटनाओं को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यूपी में योगी सरकार से ब्राह्मण समाज दुखी है, लेकिन फिर सवाल ये उठता है कि जिस समाज से यूपी में सबसे ज्यादा विधायक हैं, सबसे ज्यादा निजी सचिव हैं. वो समाज क्या बीजेपी से नाराज हो सकता है. इसका जवाब तो चुनाव के समय ही पता चल पायेगा. लेकिन जिस तरह से ब्राह्मणों में यूपी सरकार को लेकर असंतोष है. उसके चलते उत्तर प्रदेश में सियासी बेचैनी बढ़ जरूर गई है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

दावत में खाना खाते ही मच गई चीख-पुकार! 200 से ज्यादा लोग बीमार, राजस्थान के पाली में मचा हड़कंप

Pali Food Poisoning: राजस्थान के पाली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.…

3 minutes ago

‘शैतान जाते-जाते ट्रोल करा गया’, नाना पाटेकर को लेकर ऐसा क्यों बोलीं एक्ट्रेस?

Nana Patekar News: नाना पाटेकर को लेकर टिप्पणी के बाद तनुश्री दत्ता सोशल मीडिया पर…

45 minutes ago

गोल्ड लवर्स के लिए बड़ी अपडेट: आसमान छूने लगे दाम, रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद जानें अपने शहर का ताजा भाव

सोने के बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. वीकेंड के चलते आज वायदा…

48 minutes ago

CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली कूच की तैयारी, गृह मंत्रालय ने राज्यों के DGP को लिखा पत्र

केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर निर्देश…

52 minutes ago

ममता दीदी का अनोखा अंदाज! बच्चों की कविता गाकर उड़ाया CEC का मजाक, देखें वायरल VIDEO

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने 'जॉनी-जॉनी यस पापा' कविता गाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार…

57 minutes ago

‘नौकरियां विदेश भेजी तो लगेगा भारी टैरिफ’ जेडी वेंस की कंपनियों को दो टूक चेतावनी, अमेरिका फर्स्ट नीति पर तीखे किये तेवर

JD Vance: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां अमेरिकी…

1 hour ago