यूपी में बाढ़ का बड़ा खतरा! गंडक-गंगा उफान पर, 16 जिलों में अलर्ट
UP Flood Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर ऐसा भयानक और विकराल रूप धारण कर लिया है कि पूरे सूबे में हाहाकार मच गया है. पड़ोसी देश नेपाल के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भीषण मूसलाधार बारिश के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज समेत तमाम प्रमुख बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है.
बता दें बुंदेलखंड के चित्रकूट में भयानक बाढ़ के कारण कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं, वहीं राज्य सरकार और मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वांचल, मध्य यूपी और बुंदेलखंड के 16 अति-संवेदनशील जिलों को हाई अलर्ट पर रख दिया है. वहीं मौसम विशेषज्ञों ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश भर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 58 से अधिक जिलों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खौफनाक अलर्ट जारी किया है.
नेपाल से आने वाले पानी के दबाव और यूपी में हो रही अनवरत बारिश के कारण गंगा, यमुना, गंडक (नारायणी), रोहिणी, शारदा और राप्ती जैसी प्रमुख नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं. राज्य प्रशासन ने 16 प्रमुख जिलों—गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, वाराणसी, चंदौली, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कन्नौज, फतेहपुर, उन्नाव और कानपुर देहात-में बाढ़ की गंभीर चेतावनी जारी की है.
नदी किनारे बसे सैकड़ों गांवों और निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस की राहत टीमों को चौबीसों घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है.
बाढ़ का सबसे डरावना और भयावह असर चित्रकूट जिले में देखने को मिला है, जहां नदियां उफान पर हैं और कई बस्तियां जलमग्न हो चुकी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, चित्रकूट के साथ-साथ प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में ‘आरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया गया है. इन इलाकों में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.
इसके अलावा बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बरेली और शाहजहांपुर में भी मूसलाधार बौछारों का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है.
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली (Lightning) के प्रकोप को लेकर भी बड़ा अलर्ट जारी किया है. बांदा, प्रयागराज, जौनपुर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, सहारनपुर, मुरादाबाद और झांसी समेत कुल 58 जिलों में मेघगर्जन के साथ भारी वज्रपात की आशंका जताई गई है.
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज बारिश और बादल गरजने के समय खुले खेतों, बड़े पेड़ों या लोहे के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें.
मौसम विभाग की 5 दिवसीय चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित इलाकों में नावों, भोजन की थैलियों और दवाओं का पर्याप्त इंतजाम रखा जाए. चित्रकूट और प्रयागराज जैसे जिलों में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं. यदि नदियों का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले 48 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं.
गोरखपुर
देवरिया
कुशीनगर
महाराजगंज
बलियागाजीपुर
आजमगढ़
मऊ
वाराणसी
चंदौली
प्रयागराज
प्रतापगढ़
कन्नौज
फतेहपुर
उन्नाव
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-भारत एक्सप्रेस
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