उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में परिवर्तित कर रही योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है. इस कड़ी में प्रदेश में डिफेंस इक्विप्मेंट्स, सेमीकंडक्टर डिजाइन व मैनुफैक्चरिंग जैसी हेवी इंडस्ट्रीज से जुड़ी मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स व क्लस्टर्स की स्थापना की जा रही है. वहीं, प्रदेश की उद्यमिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी प्रश्रय देने के लिए एमएसएमई एस्टेट्स की स्थापना की जा रही है. सीएम योगी के विजन व निर्देश के अनुसार, प्रदेश के 11 जिलों में 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के कार्य को गति देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने खाका किया तैयार किया है जिसके अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में फैले इन एस्टेट्स की कुल 764.31 एकड़ क्षेत्र में स्थापना की जाएगी. यहां 872 प्लॉट्स निवेशकों के लिए अपना उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इससे न केवल प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को और मजबूती मिलेगी बल्कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने में मदद मिलेगी.
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा तैयार किए गई कार्ययोजना में इस बात का उल्लेख है कि प्रदेश में बड़े स्तर पर लैंड बैंक उपलब्ध कराने के लिए बाकायदा विभागों में अभियान के अंतर्गत प्रक्रिया जारी है. इसी कड़ी में प्रदेश में 11 जिलों में 15 एमएसएमई एस्टेट्स की स्थापना के लिए भी लैंड बैंक उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया पर कार्य हो रहा है. इनके अंतर्गत, अलीगढ़ के गभाना में 116 एकड़, एटा के जलेसर में 6.8 एकड़, फिरोजाबाद के टूंडला में 19 एकड़, सिरसागंज में 10 एकड़, कानपुर देहात के अकबरपुर (कुंभी) में 59 तथा दुवारी में 172 एकड़, ललितपुर के बीघाखेत में 9.8 एकड़, पुलवारा में 44 एकड़, झरर में 8.6 एकड़ तथा महोबा में 37 एकड़ क्षेत्र में एमएसएमई औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना होगी.
इसी प्रकार, प्रयागराज के सदर में 8 एकड़, प्रगापगढ़ के रानीगंज में 39.7 एकड़, मीरजापुर के चुनार में 35 एकड़, मऊ के सदर में 84 एकड़ तथा रायबरेली सदर में 58 एकड़ क्षेत्र में एमएमएसई औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी.
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) भी एमएसएमई सेक्टर्स को बढ़ावा देने के लिए बड़ी योजना पर कार्य कर रहा है. यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे क्षेत्र में एमएसएमई इकाइयों की स्थापना के लिए 500 एकड़ क्षेत्र आरक्षित किया है.
इतना ही नहीं, गीडा द्वारा जल्द ही गौतमबुद्धनगर के ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर 28 में 125 करोड़ की लागत से बनने वाले फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्पलेक्स के निर्माण भी किया जाएगा. यह आधुनिक फ्लैटेड फैक्टरी का निर्माण किया जाएगा. फ्लैटेड फैक्टरी परिसर के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने जा रही है और फिलहाल मास्टर प्लान और अन्य रिपोर्ट्स के निर्माण पर काम चल रहा है. इसे 24 महीनों में पूरा किया जाएगा. यह बहुमंजिला फ्लैटेड फैक्टरी लगभग 38,665 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली होगी और इसमें एमएसएमई उद्यमों के लिए अत्याधुनिक सुविधा युक्त इकाइयां होंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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