इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक – टीजीटी) सेवा संशोधन नियमावली की वैधता को चुनौती दी गई है. यह संशोधन विशेष रूप से कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर पद के लिए बी.एड. (B.Ed.) डिग्री को अधिमान्य योग्यता मान्यता देने से संबंधित है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संशोधन केंद्र सरकार की एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) द्वारा निर्धारित विनियमों का उल्लंघन करता है.
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति पी.के. गिरी की खंडपीठ ने परवीन सिंह व दो अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस मुद्दे पर महाधिवक्ता को सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी की है. याचिका की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2025 को होगी.
याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया है कि एनसीटीई के 2014 के विनियमन में कंप्यूटर विषय के लिए अलग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का प्रावधान है और उसमें बी.एड. को आवश्यक योग्यता के रूप में नहीं माना गया है. ऐसे में राज्य सरकार द्वारा की गई संशोधन नियमावली केंद्रीय कानून के प्रावधानों के प्रतिकूल है और अवैध ठहराई जानी चाहिए.
याचिकाकर्ताओं ने यह भी आग्रह किया है कि चूंकि यह मामला नैतिक व कानूनी विरोधाभास उत्पन्न करता है, इसलिए नियमावली में किया गया संशोधन रद्द किया जाए.
-भारत एक्सप्रेस
जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे और फर्जी कागजातों से भारतीय पहचान हासिल करने…
BHARAT EXPRESS CMD UPENDRRA RAI TO ATTEND JAANTA RAJA: दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के…
अयोध्या में दीपोत्सव के खास मौके पर राम की पैड़ी को भव्य रूप दिया जा…
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के असली स्रोतों की पहचान के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र…
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए कहा है…
IMD Weather Update: IMD ने बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट…