दुनिया

उत्तर कोरिया के तनाशाह का हैरान कर देने वाला नवाबी ठाठ, 7 हजार डॉलर की महंगी शराब से लेकर लग्जरी लाइफ तक, जानिए क्या है उनके शौक?

जब उत्तर कोरिया की आम जनता भूख और गरीबी से जुझ रही है तब ऐसे में उनके नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) शाही अंदाज में जिंदगी बिता रहे हैं. उनकी लाइफ स्टाइल किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं है. उनकी लाइफस्टाइल में महंगी शराब, विदेशी खाना, सोने की पन्नी में लिपटी सिगरेट और करोड़ों की कॉफी शामिल है.

महंगी शराबों का शौक

किम जोंग (Kim Jong Un) को शराब का जबरदस्त शौक है. उन्हें ब्लैक लेबल स्कॉच व्हिस्की और हेनेसी ब्रांडी बेहद पसंद है. इस शराब की एक-एक बोतल की कीमत करीब 7 हजार डॉलर तक जाती है. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो वो हर साल करीब 30 मिलियन डॉलर सिर्फ शराब पर खर्च कर देते हैं.

खाने-पीने का टेस्ट विदेशी

खाने-पीने में भी उनका टेस्ट इंटरनेशल है. इटली का पर्मा हैम, स्विट्जरलैंड की एममेंटल चीज और जापान का कोबे बीफ उनके (Kim Jong Un) डिनर टेबल पर आम हैं. उनके पूर्व में रहे सुशी शेफ ने बताया कि किम और उनके पिता अक्सर क्रिस्टल शैंपेन के साथ दुनिया के सबसे महंगे स्टेक का मजा लेते थे. इतना ही नहीं 1997 में इटली से एक शेफ को सिर्फ उनके परिवार के लिए पिज्जा बनाने के लिए बुलाया गया था. ब्राजील की कॉफी भी उनकी फेवरेट है जिस पर वो सलाना करीब 9.67 लाख डॉलर उड़ा देते हैं.

खास सिगरेट के फैन

अब बात करें सिगरेट की तो तनाशाह किम (Kim Jong Un) ‘यवेस सेंट लॉरेंस’ की ब्लैक सिगरेट पीते हैं जो खासतौर सोने की पट्टी में लिपटी रहती है. इसके अलावा वो ‘स्नेक वाइन’ भी पीते हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि ये ताकत और मर्दाना शक्ति बढ़ाती है. दक्षिण कोरिया के एक रिपोर्ट्स की माने तो किम का वजन अब 136 किलो से भी ज्यादा हो चुका है.

इसे भी पढ़ें-जिनपिंग ने विक्ट्री परेड में किया शक्ति प्रदर्शन, तो भड़क उठे ट्रंप, दिया ऐसा बयान कि मच गया बवाल, आप भी जानें, ऐसा क्या बोल दिया?

कुल मिलाकर देखे तो एक तरफ जहां उत्तर कोरिया की जनता भूख से तड़प-तड़प कर मर रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनके नेता (Kim Jong Un) करोड़ो की ठाठ-बाट में डूबा हुआ है. तानाशाही का असली चेहरा कुछ और नहीं बस यही है.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

बंगाल के अकाल के बीच कैसी थी दुर्गा पूजा? कहीं भोग की थाली सजी, तो कहीं एक मुट्ठी चावल के लिए तरसे लोग

1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…

2 hours ago

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों का NHM दफ्तर पर प्रदर्शन: 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेट

Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…

2 hours ago

‘पहले वैकल्पिक व्यवस्था, फिर विस्थापन!’ ओंकारेश्वर में 19 अक्टूबर से चक्का जाम का ऐलान, संतों और व्यापारियों ने खोला मोर्चा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…

2 hours ago

उन्नाव में चलती AC बस में लगी भीषण आग, वाटर पार्क से लौट रहे थे बच्चे

उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…

2 hours ago

ताहिर हुसैन की बढ़ेंगी मुश्किलें! दंगा भड़काने के मामले में कोर्ट ने सुनाई 2 साल की कैद और जुर्माना

दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…

3 hours ago