Trump on India US trade deal tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को आए US सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पहली टिप्पणी की है. इस पर उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा. बता दें कि कोर्ट ने उनके पहले के टैरिफ को अमान्य घोषित किया था, लेकिन इसको लेकर अब ट्रंप ने साफ कर दिया है कि भारत 18 प्रतिशत टैरिफ का भुगतान करना जारी रखेगा. उन्होंने प्रेस से बातचीत में कहा कि कुछ नहीं बदलेगा, उन्हें टैरिफ देना होगा और हमें नहीं देना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महान व्यक्ति हैं, लेकिन ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा.
ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ मेरे संबंध शानदार हैं और हम भारत के साथ व्यापार कर रहे हैं. भारत रूस से तेल मंगा रहा था, और मेरे अनुरोध पर उन्होंने उनसे संबंध काफी हद तक कम कर दिए क्योंकि हम एक भयानक युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, जिसमें हर महीने 25 हजार लोग मर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं. मैंने कहा, ‘आप लड़ना चाहते हैं, ठीक है, लेकिन आप अमेरिका के साथ व्यापार नहीं करेंगे, और आपको प्रत्येक देश को 200% टैरिफ देना होगा. ’ उन्होंने फोन किया और कहा, हमने शांति स्थापित कर ली है.
अमेरिका और भारत के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौता हुआ था, जिसके तहत वाशिंगटन ने टैरिफ को पहले के 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था. दूसरी ओर, नई दिल्ली ने अमेरिकी वस्तुओं पर शून्य टैरिफ लगाने पर सहमति जताई थी. इस समझौते पर मार्च के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. ट्रंप ने कहा कि कोर्ट के फैसले से कुछ नहीं बदलेगा. भारत को टैरिफ देना ही होगा, और हमें नहीं देना होगा. यह पहले की स्थिति का उलटफेर है. प्रधानमंत्री मोदी एक महान सज्जन और महान व्यक्ति हैं. वे अपने विरोधियों से कहीं अधिक बुद्धिमान हैं.
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि लगभग सभी साझेदार देशों से आने वाली वस्तुओं पर ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ संघीय कानून का उल्लंघन थे. जिसको ट्रंप ने बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस फैसले का भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ट्रेड डील का फ्रेमवर्क तैयार है और अप्रैल में लागू होने की संभावना है. इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और कारोबारी रिश्ते मजबूत होंगे.
अगर ट्रंप के भारत को कोई राहत नहीं मिलने वाले बयान पर गौर करें तो अमेरिका भारत में उत्पादित वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का रेसीप्रोकल टैरिफ लगाएगा, जिसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प वस्तुएं और कुछ मशीनरी शामिल हैं. हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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