India Pakistan News: भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों से जमी बर्फ पिघलने के संकेत मिल रहे हैं. पर्दे के पीछे बंद कमरों में ‘बैकचैनल बातचीत’ का दौर शुरू होने की सुगबुगाहट फिर तेज हो गई है. प्रसिद्ध पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ डॉ. आयशा सिद्दीका के एक हालिया दावे ने हलचल बढ़ा दी है. उनके अनुसार, पाकिस्तान के एक पूर्व वरिष्ठ राजदूत अचानक दिल्ली पहुंचे हैं और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने देश में ‘फेस-सेवर’ चाहिए.
पाकिस्तानी विश्लेषक डॉ. आयशा सिद्दीका का दावा है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भारत के साथ रिश्ते सामान्य करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें घरेलू स्तर पर अपनी साख बचाने के लिए ‘फेस-सेवर’ चाहिए. पूर्व पाकिस्तानी राजदूत के अचानक दिल्ली पहुंचने और ट्रैक-2 वार्ताओं से बैकचैनल कूटनीति के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका के दबाव और क्षेत्रीय स्थितियों के बीच पाकिस्तान खुफिया व सैन्य स्तर पर संवाद शुरू करने की फिराक में है, जबकि भारत आर्टिकल 370 पर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है.
किंग्स कॉलेज लंदन की सीनियर फेलो डॉ. आयशा सिद्दीका ने दावा किया है कि एक पूर्व वरिष्ठ पाकिस्तानी राजदूत को भारत का वीजा मिल गया है, जबकि पिछले साल उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था. इसे दोनों देशों के बीच अनौपचारिक संपर्क साधने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है. उनका कहना है कि यह राजदूत दिल्ली में भारतीय थिंक टैंक और राजनीतिक हलकों में बातचीत का माहौल तैयार करने आए हैं, ताकि कम से कम दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों या सैन्य स्तर पर संवाद शुरू हो सके.
डॉ. सिद्दीका के मुताबिक, हाल ही में हुई
ट्रैक-2 बैठकों में मुनीर के करीबी एक पूर्व पाकिस्तानी अधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिया कि आर्मी चीफ भारत के साथ शांति स्थापित करना चाहते हैं. हालांकि, अपने मुल्क में सेना की साख बचाए रखने के लिए उन्हें एक ‘फेस-सेवर’ की सख्त तलाश है. इसके अलावा, अमेरिका का भी पाकिस्तान पर भारी दबाव है कि वह भारत से रिश्ते सामान्य करे, ताकि वाशिंगटन मध्य पूर्व (Mid-East) की रणनीति में इस्लामाबाद का बेहतर इस्तेमाल कर सके.
पाकिस्तान भले ही शांति की पहल कर रहा हो, लेकिन भारत की शर्तें बेहद स्पष्ट हैं. भारत चाहता है कि पाकिस्तान अब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के फैसले को पूरी तरह स्वीकार करे और इस मुद्दे पर बयानबाजी बंद करे. डॉ. सिद्दीका का मानना है कि आर्टिकल 370 हटने का सबसे बड़ा असर खुद पीओके और पाकिस्तान पर पड़ा है, जहां लोग समझ चुके हैं कि अब पुरानी स्थिति वापस नहीं आ सकती.
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-भारत एक्सप्रेस
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