दुनिया

Florida Plane Crash: बाल-बाल बचे डोनाल्ड ट्रंप, घर से 10 KM दूर प्लेन हुआ क्रैश, 9 लोगों की हुई मौत

मे डे, मे डे… हम ओवरस्पीड हो चुके हैं. विमान बहुत तेजी से नीचे जा रहा है… हम बस जमीन से टकराने ही वाले हैं. हे भगवान, अब हमारे पास बिल्कुल समय नहीं बचा है!

ये खौफनाक शब्द अमेरिका के फ्लोरिडा में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक प्राइवेट जेट के पायलट के हैं. क्रैश से ठीक पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजी गई इस आखिरी इमरजेंसी कॉल ने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए. रविवार को दक्षिणी फ्लोरिडा के एक पॉश रिहायशी इलाके में हुए इस दर्दनाक विमान हादसे में सवार सभी 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान इतनी भयंकर रफ्तार से सीधे जमीन में आ घुसा कि टकराते ही वह आग के बड़े गोले में बदल गया. चौंकाने वाली बात यह है कि यह हादसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मशहूर मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) रिसॉर्ट से महज 11 किलोमीटर की दूरी पर हुआ.

सीधे जमीन में घुस गया प्लेन

सोशल मीडिया पर इस हादसे का एक रोंगटे खड़ा कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि प्लेन आसमान से अनियंत्रित होकर लगभग 90 डिग्री के सीधे कोण पर जमीन की तरफ आ रहा है. जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका होता है, आसमान में काले धुएं का गुबार छा जाता है और सड़क किनारे एक जलता हुआ गहरा गड्ढा बन जाता है.

अमेरिका के परिवहन सचिव शॉन डफी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे एक बेहद भयानक त्रासदी करार दिया है. उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ‘लियरजेट 60’ (Learjet 60) था. इस प्लेन ने टेक्सास के ऑस्टिन से उड़ान भरी थी और यह बहामास की तरफ जा रहा था, लेकिन बीच में ही क्रैश हो गया.

ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट से महज 11 KM दूर

यह पूरी घटना पाम बीच काउंटी के क्रेस्टहेवन इलाके की है. जहां विमान क्रैश हुआ, वह जगह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट से सात मील (करीब 11 किलोमीटर) से भी कम दूरी पर है. सबसे बड़ी बात यह है कि हादसे के वक्त खुद डोनाल्ड ट्रंप भी अपने इस रिसॉर्ट में ही मौजूद थे.

आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे से करीब एक घंटे पहले ही (सुबह 11:55 बजे) ट्रंप अपने विशेष विमान ‘एयर फोर्स वन’ में सवार होकर पास के ही प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुए थे. इस घटना के बाद एक बार फिर अमेरिका के वीवीआईपी इलाकों और नागरिक उड्डयन सुरक्षा (Aviation Safety) को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

आखिरी पलों में क्या हुआ?

दिग्गज अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना से कुछ मिनट पहले तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को रेडियो पर बताया कि विंग्स पर बर्फ जम रही है. पायलट ने कहा, “बाहर का तापमान माइनस 47 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है और हम खतरनाक टर्बुलेंस (हवाई हिचकोलों) से जूझ रहे हैं.” मौसम इतना खराब था कि विमान हवा में ही करीब 700 फीट तक ऊपर-नीचे हिचकोले खा रहा था.

शुरुआत में पायलट ने कहा था कि विमान पर हल्की बर्फ जमी है जिसे काबू किया जा सकता है. लेकिन कुछ ही पलों में मौसम ने ऐसी करवट ली कि हालात बेकाबू हो गए. बारिश और तेज बर्फबारी के बीच पायलट ने प्लेन को और ऊंचाई पर ले जाने की इजाजत मांगी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने इमरजेंसी घोषित कर दी.

20,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से मौत की तरफ बढ़ा विमान

ATC के साथ हुई इस आखिरी बातचीत के ऑडियो में पायलट की आवाज में मौत का डर और घबराहट साफ महसूस की जा सकती है. उसने चीखते हुए कहा,

हम नीचे गिर रहे हैं… मे डे, मे डे! हम ओवरस्पीड हैं और 20,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे जा रहे हैं. हम क्रैश होने वाले हैं.

उस वक्त कॉकपिट के भीतर डरावने अलार्म गूंज रहे थे. क्रू मेंबर्स पूरी ताकत से विमान पर दोबारा कंट्रोल पाने की जद्दोजहद कर रहे थे. दूसरी तरफ, ग्राउंड पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर लगातार पायलट का हौसला बढ़ा रहा था. उसने कहा, “मैं आपके साथ हूं, मुझसे बात करते रहिए…” लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. प्लेन की रफ्तार बढ़कर 22,000 फीट प्रति मिनट हो चुकी थी और वह 60 डिग्री के खतरनाक एंगल पर झुककर सीधे रिहायशी इलाके पर जा गिरा.

साल 2026 का दूसरा सबसे विमान हादसा

नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो यह इस साल अमेरिका में हुआ दूसरा सबसे बड़ा और घातक विमान हादसा है. इससे पहले जून के महीने में मिसौरी के बटलर में एक स्काइडाइविंग प्लेन क्रैश हुआ था, जिसमें 12 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी.

ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में फिर सड़कों पर उतरे लोग, राजधानी ढाका समेत गाजीपुर में क्यों लगाई आग, क्या है वजह?

फिलहाल, अमेरिकी जांच एजेंसियां (NTSB) ब्लैक बॉक्स और मलबे की मदद से इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि क्या सिर्फ मौसम और बर्फ जमना ही इस वीभत्स हादसे की वजह थी, या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी भी थी. जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

Recent Posts

अर्नब के बाद अब चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर शुरू…! बंगाल की खाड़ी से बार-बार क्यों उठ रहे प्रलयकारी तूफान?

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मुरासु' को लेकर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना…

4 minutes ago

अगले 8 घंटे 18 राज्यों में जबरदस्त कहर ढाएगा मौसम..! 80 की स्पीड से आंधी और मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Murasu) के कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना…

36 minutes ago

आज बन रहा है शक्तिशाली लक्ष्मी योग…! भूलकर भी न करें ये गलती, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि…

2 hours ago

आज बन रहा है दुर्लभ लक्ष्मी योग: वृषभ और कन्या राशि को शानदार मौका, मिथुन वाले सावधान

आज सोमवार को ग्रहों की विशेष चाल और लक्ष्मी योग के प्रभाव से वृषभ, कन्या,…

2 hours ago

संघ की ‘असंतुलित’ टिप्पणी से सत्ता, संगठन और सामाजिक संतुलन की परीक्षा

RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…

11 hours ago