दुनिया

सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति ‘चंद्रिका प्रसाद संतोखी’ के निधन पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, जानें बिहार से क्या ताल्लुक रखते थे ‘शेरिफ’?

Former Suriname President Chandrikapersad Santokhi death: सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति और प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के कद्दावर नेता चंद्रिका प्रसाद संतोखी का सोमवार को 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वर्तमान राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की है. संतोखी, जिन्होंने 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, अपनी ईमानदारी और कानून-व्यवस्था के प्रति कड़े रुख के कारण ‘शेरिफ’ के नाम से लोकप्रिय थे. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक ‘प्रिय मित्र’ बताया.

वहीं पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि संतोखी जी का जाना न केवल सूरीनाम बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय (ndian Diaspora) के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने संस्कृत में संतोखी द्वारा ली गई शपथ को याद करते हुए उनके भारतीय संस्कृति के प्रति अगाध प्रेम को नमन किया.

 

बिहार की मिट्टी से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

बता दें कि चंद्रिका प्रसाद संतोखी की जड़ें भारत के बिहार राज्य से जुड़ी थीं. 19वीं सदी में उनके दादा-दादी एक बंधुआ मजदूर के रूप में बिहार से सूरीनाम पहुंचे थे. नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे संतोखी ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया, जहां उनके पिता बंदरगाह पर काम करते थे और माँ दुकान में सहायक थीं.

इस साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर सूरीनाम के सर्वोच्च पद तक पहुँचना उनके संघर्ष और योग्यता की कहानी है. 2020 में जब उन्होंने (Chandrikapersad Santokhi) राष्ट्रपति पद की शपथ ली, तो उन्होंने वेदों के मंत्रों और संस्कृत भाषा को चुना, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. यह उनके पूर्वजों की भूमि और महान भारतीय संस्कृति के प्रति उनके सम्मान का सबसे बड़ा प्रतीक था.

भारत-सूरीनाम संबंधों के वास्तुकार

अपने कार्यकाल के दौरान संतोखी ने भारत और सूरीनाम के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया. उन्होंने ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में भारत के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए. सूरीनाम की 27 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है, और संतोखी उनके सबसे बड़े प्रतिनिधि बनकर उभरे. उन्हें भारत सरकार द्वारा ‘प्रवासी भारतीय सम्मान’ से नवाजा गया था और वे प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि भी रहे. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में भी उनके व्यक्तित्व का उल्लेख किया था, जिससे भारत के आम जनमानस में उनके प्रति एक विशेष आदर भाव पैदा हुआ.

यह भी पढ़ें: Iran US War Impact: ईरान जंग की भारतीय शेयर बाजार पर बड़ी चोट, सिर्फ 4 दिन में निवेशकों ने 1.75 लाख करोड़ गंवाए, रिलायंस सबसे ज्यादा प्रभावित

विश्व मंच पर क्षति और अंतिम विदाई

संतोखी के निधन से सूरीनाम में शोक की लहर है. एक पुलिस अधिकारी के रूप में करियर शुरू करने वाले संतोखी ने न्यायिक मंत्री और फिर राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की. उनकी मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन उनके जाने से मध्य और दक्षिण अमेरिका में भारतीय प्रवासियों का एक मजबूत स्तंभ ढह गया है.

पीएम मोदी ने उनके परिवार और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके साथ बिताए पलों की तस्वीरें भी साझा कीं. संतोखी (Chandrikapersad Santokhi) का जीवन इस बात का प्रमाण है कि भले ही भौगोलिक दूरियाँ कितनी भी हों, संस्कृति और जड़ों का जुड़ाव सात समंदर पार भी अटूट रहता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

यूपी भाजपा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर उत्साहित, 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बनेगा रोडमैप

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी…

2 minutes ago

किराया 625 और मांगा 1479…विरोध करने पर ड्राइवर ने की महिला से बदसलूकी और दी धमकी

गुरुग्राम में ऐप पर ₹625 किराया होने के बावजूद महिला से ₹1479 वसूलने और विरोध…

4 minutes ago

दिवाली से पहले खाते में आएंगे 5000 रुपये? जानिए किन किसानों को मिलेगा फायदा और क्या है नियम

Maharashtra Farmer Scheme: महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के बैंक खातों में आने वाले हैं…

22 minutes ago

सैलून के फेंके हुए बालों से चलेगी गाड़ियां? गुजरात के इस स्टार्टअप के दावे ने सबको चौंकाया

सैलून में कटकर बर्बाद होने वाले बालों से अब इथेनॉल बनाने का दावा किया जा…

23 minutes ago

पीएम मोदी बनास डेयरी परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन, दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की रखेंगे आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे के दौरान शुक्रवार को बनासकांठा जिले में…

36 minutes ago

कब जागेगा प्रशासन? उफनती नदी पार करने को मजबूर हुई गर्भवती महिला, झोली में डालकर ले गए परिजन

Dindori News: डिंडौरी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव की बानगी देखने को मिली, जहां पुल…

47 minutes ago