फ्रांस में अवैध प्रवासियों ने मचा दी तबाही, लुई विटॉन और रोलेक्स के शोरूम लूटे
France Protests: फ्रांस में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शनिवार को हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में हिंसक झड़पें और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि इन प्रदर्शनों में 5 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान कई उपद्रवी समूहों ने बड़े लक्जरी ब्रांड्स के शोरूम को निशाना बनाया.
ल्यों शहर में लुई विटॉन और ह्यूगो बॉस के स्टोरों पर हमले हुए. जबकि मार्सेय में हर्मेस के बुटीक और कई आभूषण की दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान लूटा गया. राजधानी पेरिस के अलावा लीले, नाइस और बोर्डो जैसे शहरों में भी एप्पल स्टोर, सुपरमार्केट और मोबाइल की दुकानें लूट ली गईं.
अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर नकाबपोश लूटेरों ने सुरक्षा कैमरों को नुकसान पहुंचाया और दुकानों के शीशे तोड़कर चोरी की. इस दौरान कुछ वाहन भी फूंक दिये गए और सरकारी दफ्तरों को भी निशाना बनाया गया.
FRANCE 🇫🇷 : A heartbreaking scene😢.
A business owner desperately pleads with looters and vandals to leave her shop alone.
Her livelihood is being destroyed before her eyes.
No business owner should have to endure this. https://t.co/afODffgTrV— Iris (@streetwize) October 17, 2026
इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह आसमान छूती महंगाई और रोजमर्रा की बढ़ती लागत है. ईंधन की ऊंची कीमतें, बढ़ते किराए और खान-पान की चीजों के महंगे होने से आम जनता में नाराजगी है. शुरुआत में यह प्रदर्शन स्कूलों में शिक्षकों की कमी और खराब प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर छात्रों ने शुरू किया था, जो बाद में ट्रेड यूनियनों, मजदूरों और पेंशनभोगियों के जुड़ने से व्यापक रूप ले चुका है. फ्रांस में आगामी राष्ट्रपति चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी भी इन तनावों को बढ़ाने में अहम भूमिका है.
फ्रांसीसी अधिकारियों ने हिंसा और लूटपाट के लिए मुख्य रूप से चरम वामपंथी समूहों और अवसरवादी अपराधियों को जिम्मेदार ठहराया है. फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक काले कपड़े पहने और नकाबपोश युवकों के समूहों ने इस हिंसा को अंजाम दिया.
When the left and Islam join forces you get a kind of Civil War.
#Marseille #France https://t.co/VHB81mYfPY
— Geert Wilders (@geertwilderspvv) October 17, 2026
हिंसा की इन वारदातों के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 1200 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में 150 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. सोशल मीडिया पर इस हिंसा की वजह अरब और अफ्रीका से आए मुस्लिम माइग्रेंट्स को बताया जा रहा है. वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर यह देखा जा सकता है कि अधिकतर तोड़फोड़ करने वाले लोग प्रवासी हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
ये भी पढ़ें- 5 दिन में खत्म हुई व्हाइट हाउस की नौकरी, ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी का ऐसा अंत, जिसने सबको चौंका दिया
दूसरी ओर इस व्यापक हिंसा और लूटपाट से स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. व्यापारियों की सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई. सरकार ने प्रभावित कारोबारियों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.
-भारत एक्सप्रेस
Ghaziabad Police Chowki Blast: गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके के बाद सोशल मीडिया…
HDFC Bank FD interest rates: HDFC बैंक ने FD पर ब्याज दरें बढ़ाकर ग्राहकों को…
Mohammed Shami Retirement: मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है.…
India Pakistan Diplomatic Relations: भारत के न्योते पर पाकिस्तान ने कहा है कि वह संबंधित…
Benjamin Netanyahu News: जब तक नेतन्याहू इजरायल के पीएम हैं, नॉर्मलाइजेशन नहीं होगा. सऊदी अरब…
Ayodhya Deepotsav: अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर उत्साह है. काठमांडू से श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे हैं.…