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इजरायल-हमास संघर्ष फिर भड़का, युद्धविराम के बाद गाजा पर हमला

Israel Hamas Conflict: अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते को हमास द्वारा तोड़ने के बाद इजरायल ने गाजा पर फिर से हमला कर दिया है. इस हमले में नौ लोगों की मौत हो गई है. इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश पर की गई, जिन्होंने सेना को गाजा पट्टी में तुरंत और शक्तिशाली हमला करने को कहा था.

अमेरिका को पहले ही दी गई थी जानकारी

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने गाजा पर हमले के फैसले से पहले अमेरिका को सूचना दे दिया गया था. एक सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि हमास के आतंकवादियों ने पहले इजरायली बलों पर हमला किया था, जिससे यह कार्रवाई जरूरी हो गई.

राफा में सैनिकों पर हमला

गाजा के राफा क्षेत्र में इजरायली सैनिकों पर आरपीजी और स्नाइपर फायरिंग की गई. इसके बाद इजरायली रक्षा मंत्री योआव काट्ज़ ने कहा कि हमास को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल बड़ी ताकत से जवाब देगा.

महिलाओं और बच्चों की मौत

गाजा नागरिक रक्षा के अनुसार, गाजा शहर के अल-सबरा इलाके में हुए हवाई हमले में तीन महिलाएं और एक पुरुष मारे गए. वहीं, दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक अन्य हमले में दो बच्चों और एक महिला की मौत हुई. अल शिफा अस्पताल के पास भी तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई.

शव की गलत पहचान का विवाद

इजरायल ने आरोप लगाया है कि हमास ने हाल ही में जो बंदी के अवशेष लौटाए हैं, वे उसी व्यक्ति के हैं जिसका शव दो साल पहले ही बरामद हो चुका था. नेतन्याहू ने कहा कि इस मामले की जांच के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा.

हमले की जिम्मेदारी से किया इनकार

हमास ने इजरायली हमलों की निंदा की है और सैनिकों पर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है. हालांकि, उसने संघर्ष विराम बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

इसे भी पढ़ें-इजराइल-हमास युद्धविराम पर फिर संकट, शवों की वापसी को लेकर तनाव बढ़ा

अब तक का नुकसान

अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 68,527 लोग मारे गए हैं और 1,70,395 घायल हुए हैं. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में 1,139 इजरायली नागरिकों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोगों को बंदी बनाया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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