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एवियन में मिले पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति; फिनटेक, डिजिटल टेक और बंदरगाह विकास पर महामंथन

PM Modi UAE President Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक Mohamed bin Zayed Al Nahyan से गर्मजोशी भरी मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच मौजूद विशेष विश्वास और व्यक्तिगत संबंधों को रेखांकित किया. इस दौरान भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई.

बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, फिनटेक, नवाचार, अंतरिक्ष, बंदरगाह विकास और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की समीक्षा की. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और यूएई के संबंध केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक विकास और आपसी समृद्धि के साझा लक्ष्य को लेकर भी साथ काम कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई सरकार और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति दिखाए गए सहयोग, सम्मान और संवेदनशीलता के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया. यूएई में लगभग 35 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं, जो वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. भारतीय समुदाय ने यूएई के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दोनों देशों के बीच मानवीय एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है.

भारत-यूएई संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और United Arab Emirates के संबंध पिछले एक दशक में अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुए हैं. वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक यूएई यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिली. इसके बाद उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्कों, निवेश सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में लगातार विस्तार हुआ.

वर्ष 2017 में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बने थे, जो दोनों देशों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना गया. वर्ष 2022 में भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) लागू हुआ, जिसके बाद द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. आज यूएई भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों और प्रमुख निवेशकों में से एक है.

दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण

ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है. यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, जबकि भारत यूएई के लिए एक बड़ा बाजार और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार है. हाल के वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल भुगतान प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाया है.

ये भी पढ़ें- भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत: G-7 समिट के बीच पीएम मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की ऐतिहासिक मुलाकात

इस मुलाकात ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत और यूएई के संबंध पारंपरिक कूटनीतिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक बहुआयामी और भविष्य उन्मुख साझेदारी का रूप ले चुके हैं. दोनों देशों का नेतृत्व इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देता है.

-भारत एक्सप्रेस

महिमा कटारिया

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