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Iran-US Deal: आमने-सामने नहीं आए ईरान और अमेरिका, कतर ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

Iran US Deal: मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच कतर की राजधानी दोहा में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच अहम अप्रत्यक्ष तकनीकी वार्ता पूरी हो गई. दोनों देशों ने आमने-सामने बातचीत नहीं की, बल्कि कतर ने मध्यस्थ बनकर दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया. कतर ने इस बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है.

यह वार्ता 17 जून को हुए समझौते से जुड़े तकनीकी और क्रियान्वयन संबंधी मुद्दों पर केंद्रित रही. ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ एक विशेष कम्युनिकेशन चैनल बनाया जाएगा, जिसके जरिए समझौते के पालन पर नजर रखी जाएगी और किसी भी विवाद या उल्लंघन पर तुरंत चर्चा की जा सकेगी. हालांकि तेहरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका पहले ही समझौते की कुछ शर्तों का उल्लंघन कर चुका है, जबकि बातचीत का उद्देश्य भविष्य में ऐसे विवादों को कम करना और समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करना है.

क्यों अमेरिका से सीधे बात नहीं कर रहा ईरान?

ईरान का कहना है कि अमेरिका की हालिया सैन्य गतिविधियां और कुछ सार्वजनिक बयान दोनों देशों के बीच हुए समझौते की भावना के खिलाफ हैं. इसी वजह से तेहरान फिलहाल सीधे बातचीत से बच रहा है और कतर जैसे मध्यस्थ के जरिए अपनी बात रख रहा है. दोहा में हुई तकनीकी वार्ता के दौरान ईरानी प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराईं.

इसके अलावा ईरान ने कतर के अधिकारियों के साथ विदेशों में फंसे अपने 6 अरब डॉलर के फंड तक मानवीय जरूरतों के लिए पहुंच बनाने पर भी चर्चा की. वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक विदेशी कंटेनर जहाज के उथले पानी में फंसने की खबर भी सामने आई. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक जहाज तय समुद्री मार्ग छोड़कर दूसरी दिशा में चला गया था, जिसकी वजह से यह घटना हुई.


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अमेरिका-ईरान वार्ता में दिखी सकारात्मक प्रगति

कतर ने कहा है कि दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत सकारात्मक रही. दोनों देशों ने वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है. कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अगला दौर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में पूरी होने के बाद होगा. कतर को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए दोनों देश अपने मतभेद कम करने और किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश जारी रखेंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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