पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र से इस समय दुनिया को दहला देने वाली सबसे सनसनीखेज खबर (Donald Trump Assassination Threat) सामने आ रही है. ईरान और अमेरिका के बीच का तनाव अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के सबसे बड़े चेहरे एक-दूसरे के डेथ वारंट पर आ चुके हैं. एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की तरफ से अपनी जान का सबसे बड़ा खतरा सता रहा है.
वहीं दूसरी तरफ ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के रडार पर टारगेट नंबर वन बन चुके हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें तो आज यानी 11 जुलाई को इस खूनी खेल का सबसे बड़ा क्लाइमेक्स देखने को मिल सकता है, क्योंकि पिछले चार महीने से अंडरग्राउंड चल रहे मुज्तबा खामेनेई आज एक बेहद संवेदनशील मौके पर दुनिया के सामने आने वाले हैं.
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाए जाने के बाद से ही वहां की जनता और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर खुलेआम बदला लेने की कसमें खा रहे हैं. इस आक्रोश का सीधा असर वॉशिंगटन डीसी में देखने को मिल रहा है. नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले विमान एयरफोर्स वन के भीतर भी अपनी जान का खौफ सताने लगा.
ट्रंप ने कतर द्वारा गिफ्ट किए गए नए जेट को छोड़कर पुराने विमान से सफर किया और सुरक्षा कारणों से विमान की खिड़कियों के पर्दे तक पूरी तरह गिरा दिए. उन्होंने पत्रकारों से यहां तक कह दिया कि ईरान के हत्यारे इस विमान को भी निशाना बना सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो कोई नहीं बचेगा.
विदेशी मीडिया की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अमेरिकी प्रशासन के साथ कुछ ऐसे खुफिया इनपुट्स साझा किए हैं, जिसने हड़कंप मचा दिया है. मोसाद का दावा है कि तेहरान ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए एक नया और बेहद खतरनाक सीक्रेट प्लान एक्टिव कर दिया है. ट्रंप ईरान की नजरों में अली खामेनेई और साल 2020 में मारे गए कासिम सुलेमानी दोनों की मौतों के सीधे जिम्मेदार हैं.
इस इनपुट के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से फोन पर सीक्रेट वॉर प्लान साझा किया है. खबर है कि इजराइल के 100 से ज्यादा फाइटर जेट्स इस समय रनवे पर रेडी टू अटैक मोड में खड़े हैं और ट्रंप से हरी झंडी मिलते ही तेहरान पर अब तक की सबसे बड़ी बमबारी शुरू हो सकती है.
इस महायुद्ध (US Israel Iran conflict) का दूसरा सबसे खतरनाक पहलू ईरान के भीतर छिपा है. अली खामेनेई की मौत के बाद से उनके चौथे बेटे मुज्तबा खामेनेई पूरी तरह से गायब थे. वे न तो अपने पिता के जनाजे में शामिल हुए और न ही अपनी पत्नी की शोक सभा में दिखाई दिए, क्योंकि ईरान को डर था कि इजराइल उन्हें देखते ही मार देगा. लेकिन आज यानी 11 जुलाई को अपने पिता की श्रद्धांजलि सभा का नेतृत्व करने के लिए मुज्तबा खामेनेई पवित्र शहर कुम में सार्वजनिक रूप से प्रकट हो सकते हैं.
दरअसल फरवरी के बाद यह पहला मौका होगा जब वे दुनिया के सामने आएंगे. इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज़ पहले ही एलान कर चुके हैं कि मुज्तबा उनके सीधे निशाने पर हैं. पश्चिमी मीडिया में आशंका जताई जा रही है कि मोसाद आज ही के दिन मुज्तबा का हश्र भी हमास चीफ इस्माइल हानिया जैसा करने की ताक में बैठा है.
अमेरिका और इजराइल का अंतिम और सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान की इस कट्टरपंथी सत्ता को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है. वे तेहरान में एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनके इशारों पर काम करे, लेकिन जब तक मुज्तबा खामेनेई ईरान की कमान संभाल रहे हैं, तब तक पश्चिमी ताकतों का यह सपना कभी पूरा नहीं हो सकता. यही वजह है कि आज 11 जुलाई की तारीख पूरे मिडिल ईस्ट के भविष्य के लिए सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट साबित होने वाली है.
एक तरफ जहां ईरान के स्लीपर सेल ट्रंप को ठिकाने लगाने की फिराक में हैं, वहीं मोसाद मुज्तबा के कुम शहर में कदम रखते ही अपना चक्रव्यूह भेदने के लिए तैयार बैठी है. अगर आज दोनों में से एक भी तरफ से कोई बड़ा एक्शन हुआ, तो यह सीधे तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत साबित हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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