ईरान युद्ध का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
Iran War Impact on US Economy: ईरान युद्ध का असर अब अमेरिका के आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखने लगा है. पेट्रोल भरवाना हो, हवाई सफर करना हो या अपना घर खरीदने के लिए होम लोन लेना हो, हर तरफ बढ़ते खर्च ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है. पहले से महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए अब महीने का खर्च संभालना और मुश्किल होता जा रहा है.
मूडीज एनालिटिक्स के अनुमान के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी उपभोक्ताओं पर करीब 265 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. इसका मतलब है कि औसतन हर अमेरिकी परिवार को लगभग 2,000 डॉलर यानी करीब 1.7 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं. बढ़ती कीमतों का यह दबाव ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव भी नजदीक हैं.
महंगाई की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोगों की आमदनी खर्च के मुकाबले तेजी से नहीं बढ़ रही. मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने CNN से बातचीत में कहा कि अमेरिकी नागरिकों को अब महसूस होने लगा है कि युद्ध का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है. ऐसे में कई लोग चाहते हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो.
वेतन बढ़ने की रफ्तार भी पिछले पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. महंगाई को जोड़कर देखें तो कई महीनों में लोगों की वास्तविक कमाई में गिरावट आई है. नतीजतन, परिवार रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए बचत का सहारा ले रहे हैं. कुछ लोग क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर रहे हैं, जिससे उन पर कर्ज बढ़ने का खतरा भी है.
युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही प्रभावित होने से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव पड़ा. इसका असर पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की कीमतों पर पड़ा है. अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 2.98 डॉलर से बढ़कर 4.34 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है.
मार्क जांडी के मुताबिक, ऊर्जा से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी के कारण एक सामान्य परिवार पर करीब 1,100 डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ा है. वहीं, महंगे जेट फ्यूल के चलते हवाई यात्रा भी महंगी हुई है. अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, अगस्त तक हवाई किराये में सालाना आधार पर 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
महंगाई का असर घर खरीदने वालों पर भी पड़ रहा है. अमेरिका में 30 साल के फिक्स्ड रेट होम लोन की औसत ब्याज दर बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई है. इससे मासिक किस्त बढ़ गई है. मूडीज के अनुसार, ब्याज दरों में बढ़ोतरी से एक सामान्य परिवार पर करीब 360 डॉलर का अतिरिक्त खर्च आया है.
उधर, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान युद्ध पर सितंबर तक करीब 45.1 अरब डॉलर खर्च हो चुके थे. इसमें क्षतिग्रस्त सैन्य ठिकानों की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है.
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CNN के सितंबर सर्वे में सिर्फ 27 फीसदी अमेरिकी नागरिकों ने अर्थव्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कामकाज पर संतुष्टि जताई. वहीं, केवल 28 फीसदी लोगों ने देश की आर्थिक स्थिति को अच्छा बताया. बढ़ती महंगाई और घटती खरीदारी क्षमता के बीच आर्थिक मुद्दा ट्रंप सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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