कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो. (फोटो: IANS)
Political Crisis In Canada: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कई महीनों से चल रही आलोचनाओं और अपनी सरकार की स्थिति के बीच ट्रूडो ने यह कदम उठाया. उन्होंने सोमवार को ओटावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने इस्तीफे का ऐलान किया और कहा कि वह पार्टी के नए नेता के चयन तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे.
जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उन्होंने अपनी लिबरल पार्टी के अध्यक्ष से पार्टी का नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है.
ट्रूडो ने यह भी स्पष्ट किया कि वह तब तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे, जब तक नया नेता चयनित नहीं हो जाता. उन्होंने संसद की कार्यवाही को 24 मार्च तक स्थगित करने की भी घोषणा की और बताया कि विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए अविश्वास प्रस्तावों के बाद यह निर्णय लिया गया है.
53 वर्षीय ट्रूडो ने 11 वर्षों तक लिबरल पार्टी के नेता के रूप में कार्य किया और 9 वर्षों तक प्रधानमंत्री बने रहे. उनका कार्यकाल विभिन्न संकटों से घिरा रहा, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों, प्रमुख सहयोगियों के इस्तीफे, और लगातार गिरते जनमत सर्वेक्षण शामिल थे. बावजूद इसके, ट्रूडो ने हमेशा पार्टी और देश की सेवा करने की प्रतिबद्धता जताई थी.
अपने इस्तीफे के बाद, ट्रूडो ने कहा कि यह देश अगले चुनाव में एक बेहतर विकल्प का हकदार है. उन्होंने स्वीकार किया कि यदि उन्हें आंतरिक संघर्षों का सामना करना पड़े, तो वह अगले चुनाव में सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकते. उन्होंने उम्मीद जताई कि नया प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी का नेता पार्टी के मूल्यों और आदर्शों के साथ चुनाव में उतरेगा.
संसद का स्थगन और आगामी चुनाव
कनाडा में संसद की कार्यवाही 27 जनवरी से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब यह 24 मार्च तक स्थगित कर दी गई है. विपक्षी दलों ने सरकार को गिराने की कोशिश की थी और अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई थी, लेकिन स्थगन के कारण यह प्रस्ताव मई तक खिंच सकता है. अक्टूबर में आम चुनाव होने की संभावना है, जो देश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है.
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