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खार्ग आइलैंड स्वाहा! ट्रंप की डेडलाइन से 11 घंटे पहले ही अमेरिका-इजरायल का महाप्रहार; धुआं-धुआं हुआ ईरान

Kharg Island Attack Iran: अमेरिका और इजरायल अब ईरान को अंतिम चोट देने जा रहे हैं. ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही इसके ट्रेलर दिखने शुरू हो गए हैं. इजरायल और अमेरिका ने मंगलवार को ईरान का बैकबोन कहे जाने वाले खार्ग आइलैंड पर ताबड़तोड़ हमले कर धुआं-धुआं कर दिया. इस हमले में आइलैंड पर मौजूद ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया. इस हमले से रिलेटेड एक वीडियो भी इजरायली पीएम नेतन्याहू ने शेयर किया है. जिसमें ऑयल टर्मिनल को ध्वस्त होते दिखाया गया है.

खर्ग आइलैंड को ईरानी ऑयल इंडस्ट्री का बैकबोन कहा जाता है. यहीं से ईरान अपने 80 से 90 फीसदी कच्चे तेल को निर्यात करता है. यहां पर बड़े तेल के टर्मिनल, स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन और तेल भरने की फैसिलिटी है. जिसकी वह से खर्ग आइलैंड से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल जहाजों में लोड किया जा सकता है.

डेडलाइन खत्म होने से पहले हुआ हमला

होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की तरफ से बंद किये जाने और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किये जा रहे हमले के बाद अरब देश खौफ में थे. इस आइलैंड को लेकर पिछले कई दिनों से डोनाल्ड ट्रंप धमकी दे रहे थे. उन्होंने कुछ दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर ईरान मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता है तो उसके जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद कर ईरान को स्टोन एज (पाषाण काल) में भेज देंगे.

हालांकि अभी इस डेडलाइन खत्म होने में लगभग 11 घंटे बाकी हैं, उससे पहले ही अमेरिका और इजरायल ने हमले शुरू कर दिये हैं. जिसके बाद ईरान बेहद गुस्से में है.

चुप नहीं बैठेगा ईरान

ईरानी सेना ने कहा है कि वो खर्ग आईलैंड पर हुए हमले को लेकर चुप नहीं बैठने वाला. अमेरिका की इस गुस्ताखी की कीमत वो और उसके साथियों को चुकानी होगी. वह उनके ठिकानों को नेस्तनाबूत कर देगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार की देर रात अपने संबोधन में कहा था कि वो ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकते हैं. उन्होंने धमकी देते हुए कहा था कि अगर ईरान तय समय से पहले अमेरिका से समझौता नहीं करता है तो कभी भी कार्रवाई की जा सकती है.

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होर्मुज स्ट्रेट की कीमत खार्ग आइलैंड से चुकायेगा ईरान?

होर्मुज स्ट्रेट वहीं रास्ता है जहां से ग्लोबल तेल एक्सपोर्ट का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. ईरान ने इसे बंद कर रखा है. अगर कोई तेल टैंकर वहां से गुजरता है तो ईरानी सेना उसपर हमले कर समुंदर में डुबो देती है. जिसकी वजह से यह रास्ता अभी बंद है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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