Pakistan Bombing Afghanistan: अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के गुरबुज जिले में कतार से खोदी गई 10 छोटी-छोटी कब्रें इस बात की गवाही दे रही थीं कि यहां कैसी त्रासदी हुई है. थोड़ी ही देर में गमजदा लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. जनाजों में शामिल मासूमों में सैमुल्लाह की एक महीने की बेटी आलिया और नूर असलम का 16 महीने का बेटा मोहिबुल्लाह भी थे. रोते-चीखते लोग कभी गुस्से से उबल रहे थे तो कभी जनाजों पर सिर पटक रहे थे.
25 नवंबर की आधी रात पाकिस्तान वायुसेना ने गुरबुज जिले पर एयर स्ट्राइक किया. इस हमले में एक ही परिवार के 10 लोग मारे गए, जिनमें 9 बच्चे थे. नूर असलम के सात बच्चे मोहिबुल्लाह, होजबुल्लाह, शम्सुल्लाह, असदुल्लाह, दादुल्लाह, पलवासा और आइसा सब इस हमले में मारे गए. समीउल्लाह की बेटियां आसिया (3 साल) और आलिया (1 महीने) भी इस हमले की शिकार हुईं. इसके अलावा जनत खेल की बेटी रजिया की भी मौत हो गई. इनमें से कोई भी दहशतगर्द नहीं था, सब अपने घरों में सो रहे आम लोग थे.
गुरबुज जिला खोस्त प्रांत के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से सीमा साझा करता है. यह पहाड़ी और जंगली इलाका रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है. खोस्त प्रांत की आबादी करीब 6.48 लाख है, जिसमें 99 प्रतिशत पश्तून रहते हैं और सुन्नी इस्लाम का पालन करते हैं.
चश्मदीदों ने बताया कि हमला रात में हुआ जब सभी लोग सो रहे थे. वलीउर रहमान ने कहा कि बमबारी आधी रात को हुई. जब हम पहुंचे तो मृत लोगों और घायलों की लाशें मलबे में दबी थीं. रिश्तेदार शरियत खान ने बताया कि इस परिवार के सिर्फ दो बच्चे जिंदा बचे है बाकी सभी मारे गए.
पीड़ितों के रिश्तेदारों ने कहा कि पाकिस्तान आम लोगों को निशाना बना रहा है और यह इंसानियत व अंतरराष्ट्रीय उसूलों का उल्लंघन है. अब्दुल अलीम ने कहा कि वे इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करते हैं कि बेगुनाहों की मौत के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जाए. अकबर जान ने कहा कि पाकिस्तान झूठा दावा करता है कि अफगान लोग उनकी सेना को डूरंड लाइन पार भेज रहे हैं, जबकि असलियत में आम लोग ही बमबारी का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह जारी रहा तो वे कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अफगान तालिबान से कोई उम्मीद नहीं रखता और वह जवाबी कार्रवाई करता है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना अनुशासित है और आम लोगों को निशाना बनाना उसका तरीका नहीं है. हालांकि, अफगानिस्तान की जमीन पर आम नागरिकों की मौत ने पाकिस्तान के इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति बहाली की तीन कोशिशें पहले ही नाकाम हो चुकी हैं. खोस्त की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सीमा पार तनाव और बमबारी का सबसे बड़ा खामियाजा आम लोग और मासूम बच्चे ही भुगतते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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