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पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन से की बात, ईद और नवरोज पर दी मुबारकबाद

अमेरिका-इजरायल और ईरान सैन्य संघर्ष के 22वें दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद और नवरोज के मुबारक मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को बधाई दी. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी.

पीएम मोदी ने लिखा, “ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और उन्हें ईद और नवरोज की बधाई दी. हमने उम्मीद जताई कि ये मुबारक मौका पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आए.”

उन्होंने आगे कहा कि इस इलाके में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की, जो इलाके की स्थिरता के लिए खतरा हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट डालते हैं.

बातचीत में हमने नेविगेशन सुरक्षित रखने और यह पक्का करने की अहमियत दोहराई कि समुद्री रास्ते (जहाजों के रास्ते) सुरक्षित और खुले रहने चाहिए. साथ ही, भारत ने ईरान का धन्यवाद किया कि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है.

दोनों नेताओं ने इससे पहले 12 मार्च को फोन पर बात की थी, जब पीएम मोदी ने इलाके में बढ़ते तनाव पर अपनी चिंता जाहिर की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने आवश्यक वस्तुओं और एनर्जी के बिना रुकावट के आने-जाने की अहमियत पर जोर दिया था, और कहा था कि रुकावटों से भारत की अर्थव्यवस्था और इलाके की स्थिरता पर दूरगामी असर हो सकते हैं.

पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए भारत का प्रयास

ईरान सैन्य संघर्ष के बीच ‘डायलॉग और डिप्लोमेसी’ की रणनीति का भारत बखूबी इस्तेमाल कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पश्चिम एशिया के लीडर्स से बात कर रहे हैं. बुधवार से गुरुवार के मध्य महज 24 घंटों के भीतर उन्होंने एक, दो नहीं बल्कि 5 देशों के लीडर्स से बात की थी. कुवैत के क्राउन प्रिंस, ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, मलेशिया के पीएम और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी थीं.

पीएम मोदी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी थी. इन सभी से बात कर प्रधानमंत्री ने शांति को लेकर भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया. उन्होंने सबसे एक ही बात कही कि ‘डायलॉग और डिप्लोमेसी’ के रास्ते ही समाधान निकाला जा सकता है.

यूएस-इजरायल एयर स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

बता दें, 28 मार्च से यूएस-इजरायल के ईरान पर संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद से ही इस क्षेत्र में काफी तनाव है. ईरान के सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारी हमले का शिकार हुए हैं. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिका के गल्फ स्थित बेस को निशाना बनाया है. 22 दिन बाद भी किसी समाधान पर कोई पक्ष नहीं बढ़ा है. दुनिया के कई देशों को डर है कि आगामी कुछ दिनों में गंभीर ईंधन संकट का वे सामना कर सकते हैं. पीएम मोदी ने भी स्थिरता और शांति के लिए ट्रेड की अहमियत पर जोर दिया है.

यह भी पढ़ें: ईद पर दिल्ली के उत्तमनगर में क्या हैं हाल? कोर्ट की सख्ती के बीच पुलिस ने संभाली कमान, भारी फोर्स तैनात

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-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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