Bangladesh Crisis Over Sheikh Hasina: कोटा विवाद को लेकर पिछले साल बाग्लादेश में उग्र प्रदर्शन हुए. कई नेताओं समेत आम लोगों की हत्या कर दी गई. युवाओं के आंदोनल धीरे-धीरे आतंकित हुआ और शेख हसीनी की सत्ता को उखाड़ की धरातल पर भेक दिया. नतीजा ये हुआ कि शेख हसीना समेत उनके कई साथियों को देश छोड़कर भागना पड़ा. हालांकि, अब करीब सालभर बाद एक बार फिर से आशंका जताई जा रही है कि बांग्लादेश आग की लपतो में जाने वाला है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं की शेख हसीना न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक बयान दिया. जिसके बाद आंदोलन के बड़े चेहरे नाहित इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिख रहमान को सीधी चेतावनी दे रही है.
बाग्लादेश की निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना के दिसंबर तक देश वापस लौटने का ऐलान किया है. इस खबर ने ढाका के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. उन्होंने यह भी कह दिया है कि फांसी हो या मिट्टी में मिला दिया जाए वो वतन वापसी करेंगी.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में शेख हसीना ने कहा कि जब मैं वापस जाऊंगी तो मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है. मेरी हत्या भी हो सकती है. लेकिन मैं फिर भी लौटूंगी. मेरे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है. अगर मुझे मरना ही है, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं.
आगे शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई के खिलाफ वह अपने देश लौटकर कानूनी लड़ाई लड़ना चाहती हैं. हसीना ने बताया कि उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटकर सरेंडर कर सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग को फिर से मजबूत करने का काम जारी है.
शेख हसीना की वापसी की खबर सुनते ही नाहिद इस्लाम भड़क उठे. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि 16 साल की तबाही झेल चुका है बांग्लादेश. अब सिर्फ एक ही वापसी मंजूर है, वो जो मौत की सजा तक पहुंचे. नाहिद ने आगे कहा कि हसीना कैसे, कब और किसके साथ लौटेंगी, यह फैसला अकेले सरकार करेगी. इस पूरे घटनाक्रम का अगला मोड़ अब ढाका और दिल्ली के कूटनीतिक फैसलों से तय होगा.
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नाहिद इस्लाम ने पीएम तारिक रहमान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मौत की सजा के फैसले को बिना किसी देरी के अमल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में किसी वैकल्पिक रास्ते पर विचार करती है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. अवामी लीग के मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जाती है और सरकार ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देती है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान सरकार को ही उठाना पड़ेगा. ऐसे में कहा जा रहा है कि हसीना घर लौटती हैं तो एक बार फिर से बांग्लादेश में बवाल हो सकता है.
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