पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ.
जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों से पड़ोसी मुल्क में हाहाकार मचा हुआ है. भारत की तरफ से मिली कूटनीतिक चोट से पीएम शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif ) बेचैन हो रहे हैं, और अब उन्होंने कश्मीर, जल बंटवारे के साथ ही व्यापार सहित दीर्घकालिक समस्याओं पर भारत से बात करने की इच्छा जाहिर की है. पीएम शहबाज शरीफ ने ये बयान अपनी तेहरान यात्रा के दौरान दिया है.
पाकिस्तानी मीडिया डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरीफ (Shahbaz Sharif ) ने कहा , “हम अपने पड़ोसी के साथ जल मुद्दों पर शांति के लिए बातचीत करने के लिए तैयार हैं.” उन्होंने आगे कहा, “हम व्यापार को बढ़ावा देने और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भी बातचीत करने के लिए तैयार हैं.”
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif ) ने कहा, “हम शांति चाहते हैं, और हम वार्ता के माध्यम से क्षेत्र में शांति के लिए काम करेंगे तथा अपने लंबित मुद्दों का समाधान करेंगे.” पाक पीएम ने कहा, “लेकिन यदि वे शांति के मेरे प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो हम दिखा देंगे कि हम सचमुच, गंभीरता और ईमानदारी से शांति चाहते हैं.” शरीफ तुर्की की यात्रा के बाद सोमवार को ईरान की यात्रा पर थे. ईरान के बाद उनका ताजिकिस्तान और अजरबैजान जाने का कार्यक्रम है.
ईरानी सरकारी मीडिया इरना ने खबर दी है कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी युद्ध विराम के लिए ईरान का समर्थन व्यक्त किया है तथा विवादों को सुलझाने और शांति को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच वार्ता का आह्वान किया है.
पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित कर दी थी, इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी. हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए , जिनमें से एक सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी था.
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी दोहराया था कि 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि वर्तमान में पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के कारण स्थगित है . यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल संसाधनों के बंटवारे को नियंत्रित करती है. इससे पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन और जनसांख्यिकीय बदलावों ने जमीनी स्तर पर नई वास्तविकताएं पैदा की हैं.
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से आयातित या वहां से आयातित सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात और पारगमन पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है , चाहे उनकी आयात स्थिति कुछ भी हो, जिससे द्विपक्षीय व्यापार प्रवाह प्रभावी रूप से रुक गया है.
-भारत एक्सप्रेस
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर भारतीय नागरिकता मिलने से पूर्व मतदाता सूची में…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…
श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…
गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…