दुनिया

‘पाकिस्तान के परमाणु बम इस्लामिक नहीं, बल्कि एंटी इंडिया बम हैं’, न्यूक्लियर ड्रॉक्ट्रिन पर बोला PAK कमेंटेटर— हम इजरायल पर नहीं दागेंगे..

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में पाकिस्तान के पत्रकार नजम सेठी ने एक ऐसी बात कह दी है जिसने सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है. सेठी ने साफ शब्दों में स्वीकार किया है कि पाकिस्तान कभी भी ‘नो फर्स्ट यूज’ (No First Use) पॉलिसी पर दस्तखत नहीं करेगा.

पाकिस्तान यह कसम खाने को तैयार नहीं है कि वह युद्ध की स्थिति में पहले परमाणु हमला नहीं करेगा.

“हमारा बम सिर्फ इंडिया के लिए है”

एक पाकिस्तानी टीवी चैनल (दुनिया न्यूज़) को दिए इंटरव्यू में नजम सेठी ने जो कहा, वह हैरान करने वाला तो है ही, साथ ही पाकिस्तान की असली मंशा को भी उजागर करता है. उन्होंने दोटूक कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कोई ‘इस्लामिक बम’ नहीं हैं, बल्कि ये सीधे तौर पर ‘एंटी-इंडिया’ बम हैं. सेठी के मुताबिक, पाकिस्तान को न तो अमेरिका से खतरा है और न ही वह इसे इजरायल पर गिराने का इरादा रखता है. उनका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ भारत पर है.

‘नो फर्स्ट यूज’ से क्यों डरता है पाकिस्तान?

दुनियाभर के कई देश इस बात पर सहमत हैं कि वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तभी करेंगे जब उन पर कोई दूसरा देश परमाणु हमला करे. भारत की भी यही नीति है. लेकिन पाकिस्तान इससे बचता रहा है.

नजम सेठी ने इसके पीछे की मजबूरी भी बताई. उन्होंने कबूल किया कि अगर पारंपरिक युद्ध (टैंक, तोप और सैनिकों वाली लड़ाई) हुई, तो पाकिस्तान भारत के सामने टिक नहीं पाएगा. उन्होंने कहा, “हम डिफेंसिव पोजीशन में हैं. अगर भारत हम पर पारंपरिक तरीके से हमला करता है, तो हमारे पास अपने वजूद को बचाने के लिए परमाणु हथियार इस्तेमाल करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” यानी पाकिस्तान अपनी सैन्य कमजोरी को छिपाने के लिए परमाणु बम की धमकी को एक ढाल की तरह इस्तेमाल करना चाहता है.

आर्थिक तंगी के बीच फंसा पाकिस्तान

सिर्फ जंग ही नहीं, पाकिस्तान पर एक और बड़ा दबाव है. नजम सेठी ने माना कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमेशा इस बात का डर सताता रहता है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु तकनीक किसी अमीर इस्लामिक देश को न बेच दे. पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को देखते हुए दुनिया को लगता है कि पैसों के बदले वह इस खतरनाक तकनीक का सौदा कर सकता है. यही वजह है कि पाकिस्तान पर हमेशा वैश्विक दबाव बना रहता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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