Jerusalem Post On PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी आज से अपनी दो दिवसीय ऐतिहासिक इजराइल यात्रा शुरू कर रहे हैं. इस दौरे को लेकर इजराइल में किस कदर उत्साह है, इसकी तस्दीक वहां के प्रतिष्ठित अखबार ‘द यरूशलम पोस्ट’ का फ्रंट पेज कर रहा है. अखबार ने अपने मुख्य पृष्ठ पर पीएम मोदी की हाथ लहराते हुए एक बड़ी तस्वीर के साथ शीर्षक “दो प्राचीन राष्ट्रों ने एक नया अध्याय शुरू किया” दिया है. यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति के लिए भी एक मील का पत्थर माना जा रहा है.
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव इजराइली संसद ‘नेसेट’ में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन होगा. इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने ‘द यरूशलम पोस्ट’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में इसे ऐतिहासिक बताया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘नेसेट’ को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे.
भारतीय राजदूत के अनुसार, यह यात्रा संबंधों के ‘नए चरण’ की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य सहयोग को केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित न रखकर एक व्यापक ढांचा प्रदान करना है. इसमें डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमा पार भुगतान (Cross-border payments) जैसे वित्तीय सहयोग पर विशेष जोर रहेगा.
अखबार में ‘द मोदी डॉक्ट्रिन’ शीर्षक से प्रकाशित एक विश्लेषणात्मक लेख में अमिचाई स्टर्न ने 2017 की उस यात्रा को याद किया, जिसने दशकों की कूटनीतिक झिझक को खत्म कर दिया था. पूर्व राजदूत अलोन उश्पिज के हवाले से कहा गया कि नई दिल्ली के रवैये में अब स्पष्ट बदलाव है और पीएम मोदी इजराइल की ताकत की सराहना करते हैं.
1947 में यूएन में इजराइल के गठन के खिलाफ मतदान करने से लेकर 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध बनाने और आज एक ‘शक्तिशाली गठबंधन’ तक का सफर भारत की बदलती विदेश नीति का परिचायक है.
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना “प्रिय मित्र” बताते हुए इस यात्रा को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है. कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि यह दो वैश्विक नेताओं के बीच एक शक्तिशाली गठबंधन है. इजराइल और भारत नवाचार, सुरक्षा और एक साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं. हम मिलकर स्थिरता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध राष्ट्रों की एक धुरी (Axis) बना रहे हैं.
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दो दिनों के इस प्रवास के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मिलेंगे और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ डेलिगेशन लेवल की वार्ता करेंगे. रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अगले कदमों पर चर्चा होगी. पीएम मोदी इजराइल की अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों की एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे. इसके साथ ही वह ‘याद वाशेम’ (होलोकॉस्ट मेमोरियल) जाकर यहूदी नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी देंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल समझौतों तक सीमित नहीं है. ‘द यरूशलम पोस्ट’ के संपादक ज्विका क्लीन के अनुसार, यह यात्रा भारत को इजराइल की ‘शीर्ष रणनीतिक प्राथमिकता’ के रूप में स्थापित करती है. जैसे ही पीएम मोदी यरूशलम की धरती पर कदम रखेंगे, यह न केवल पुरानी दोस्ती का जश्न होगा, बल्कि भविष्य की साझा चुनौतियों (जैसे उभरती हुई तकनीकें और क्षेत्रीय सुरक्षा) के खिलाफ एक मजबूत मोर्चेबंदी की शुरुआत भी होगी.
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