Harini Amarasuriya India Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरीनी अमरासूरिया (Harini Amarasuriya) और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती से अलग-अलग मुलाकात की. इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने और क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा हुई.
भारत और श्रीलंका के ‘ऐतिहासिक व बहुआयामी’ संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से श्रीलंकाई प्रधानमंत्री डॉ. अमरासूरिया (Harini Amarasuriya) ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और विश्वास जताया कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और सुदृढ़ बनाएगी. उन्होंने अप्रैल में अपनी श्रीलंका यात्रा को भी याद किया. दोनों नेताओं ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, विकास सहयोग और मछुआरों के कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-श्रीलंका के विशेष संबंधों पर जोर दिया और साझा विकास यात्रा में मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायका को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की और भविष्य में निरंतर उच्च-स्तरीय संवाद की आशा व्यक्त की. वर्तमान में भारत और श्रीलंका के बीच व्यापारिक संबंध भी काफी मजबूत हैं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच व्यापार $5.54 बिलियन तक पहुंच गया था, जो द्विपक्षीय सहयोग की गहराई को दर्शाता है.
मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती से भेंट
इसी क्रम में, मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात में मिस्र के राष्ट्रपति सीसी को गाजा शांति समझौते में मिस्र की अहम भूमिका के लिए हार्दिक बधाई दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर, 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म अल-शेख में हुए इस समझौते से क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. यह समझौता दो साल के संघर्ष के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम का प्रतीक है, जिसमें बंधकों और कैदियों की अदला-बदली शामिल है.
मिस्र के विदेश मंत्री अब्देलाती ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी यात्रा के दौरान आयोजित पहली भारत-मिस्र रणनीतिक वार्ता की जानकारी दी. भारत और मिस्र ने हाल ही में अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ तक बढ़ाया है. प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और जन-से-जन संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया. दोनों देश ग्लोबल साउथ के विकास और विश्व मामलों में राष्ट्रों की स्वतंत्रता को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं. दोनों नेताओं ने भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ज़ोर दिया, जो दोनों देशों के लोगों और मानवता के लिए महत्वपूर्ण है.
यह भी पढ़िए: “भारत अब रूस से नहीं…पीएम मोदी ने दिया भरोसा”, राष्ट्रपति ट्रंप की फिर से एक बार बड़ा दावा
Also Follow Bharat Express on Youtube
1971 के युद्ध में बांग्लादेश निर्माण के सूत्रधार और देश को अन्न संकट से उबारने…
Virat Kohli Century: भारत ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारियों के…
शंभुनाथ की पुस्तक 'भारतीय ज्ञान परंपरा: एक सभ्यता की अंतर्दृष्टि' के आलोक में जानिए कि…
Crime News: जयपुर के बिंदायका की प्रेस्टीज कॉलोनी में लिव-इन पार्टनर प्रवेश ने किरन नाम…
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस पर अपना हमला तेज…
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग पत्नी से…