प्रधानमंत्री मोदी
Middle East Crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग तेज हो गई है. ईरान पर हमलों के जवाब में कई खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में 8 महत्वपूर्ण देशों के नेताओं से फोन पर बात की है. इनमें UAE, इजराइल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर शामिल हैं. पीएम मोदी ने हमलों की कड़ी निंदा की और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया.
यह सब 1 मार्च से शुरू हुआ. पीएम मोदी ने सबसे पहले UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की. उन्होंने हाल के हमलों की निंदा की और यूएई में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए धन्यवाद दिया. भारत ने यूएई के साथ एकजुटता जताई और क्षेत्र में शांति की अपील की. इसके बाद 2 मार्च को बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से चर्चा हुई. मोदी ने बहरीन और सऊदी पर हुए हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताया और भारत की मजबूत एकजुटता जाहिर की.
पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से भी फोन पर बात की. उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति पर चिंता जताई और भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए शुक्रिया अदा किया. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात में भी संवाद और शांति पर जोर दिया गया. ये सभी कॉल्स पश्चिम एशिया में फैलते तनाव के बीच भारत की सक्रिय भूमिका दिखाती हैं.
3 मार्च को पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से अलग-अलग बात की. उन्होंने इन देशों पर हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई. मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है. कतर के अमीर से बात में हमलों की निंदा की और कतर की संप्रभुता का समर्थन जताया. मोदी ने X पर पोस्ट किया कि भारत कतर के साथ मजबूती से खड़ा है और संवाद से शांति बहाल करने की जरूरत है.
खाड़ी क्षेत्र में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं. ये लोग इन देशों की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं. पीएम मोदी ने हर बातचीत में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई पर जोर दिया. उन्होंने नेताओं को धन्यवाद दिया कि वे भारतीयों का खास ख्याल रख रहे हैं. भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी हेल्पलाइन और अन्य कदम उठाए जा रहे हैं.
पीएम मोदी ने बार-बार हमलों को गलत बताया और कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के जरिए समस्या सुलझाने की अपील की. भारत ने हमेशा क्षेत्रीय शांति का समर्थन किया है. यह कूटनीति भारत के पुराने रिश्तों को मजबूत करती है और नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करती है.
खाड़ी देश भारत के लिए ऊर्जा, व्यापार और रक्षा के मामले में बहुत अहम हैं. संकट के समय भारत ने संतुलित रुख अपनाया है. पीएम मोदी की ये बातचीत दिखाती है कि भारत न सिर्फ अपने नागरिकों की सुरक्षा देख रहा है बल्कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए भी प्रयास कर रहा है. पिछले दिनों कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक भी हुई जिसमें स्थिति की समीक्षा की गई.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट लंबा खिंच सकता है. भारत लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. पीएम मोदी की कूटनीति से उम्मीद है कि तनाव कम होगा और भारतीयों को कोई खतरा नहीं होगा. भारत सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहता है और शांति का रास्ता अपनाने पर जोर दे रहा है. यह दौर भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करता है जहां वह जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभर रहा है.
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