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अमेरिका दौरे पर जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, ट्रम्प प्रशासन के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 और 13 फरवरी को अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे. यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ ही हफ्तों बाद हो रही है. शुक्रवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी घोषणा की.

प्रधानमंत्री मोदी यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर कर रहे हैं. यह उनका ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहला अमेरिका दौरा होगा. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि मोदी को नई सरकार बनने के तीन हफ्ते के भीतर बुलाया जाना भारत-अमेरिका साझेदारी की अहमियत को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए एक बेहतरीन अवसर होगा.

प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की बैठक

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी. यह बैठक पहले सीमित दायरे में होगी और फिर दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर पर भी वार्ता करेंगे. इसके अलावा, अमेरिका के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी अमेरिकी व्यापारिक नेताओं और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे.

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंध काफी मजबूत हुए हैं. पीएम मोदी का यह दौरा नई अमेरिकी सरकार के साथ भारत की निरंतर कूटनीतिक भागीदारी को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल में दो बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं. 2017 और 2019 में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी.

राष्ट्रपति ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हुए थे. वहां उन्होंने अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की. इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज से भी बातचीत की थी.

रक्षा सहयोग पर चर्चा

गुरुवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के नए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच फोन पर बातचीत हुई. अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई. वे रक्षा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं.

इस साल भारत और अमेरिका के बीच 2+2 मंत्री स्तरीय वार्ता होगी. इसके अलावा, अगले 10 साल के लिए रक्षा सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने की योजना है.


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-भारत एक्सप्रेस

Prashant Rai

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