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Russian State Duma Elections Voting in India: भारत में रह रहे रूसी नागरिकों ने स्टेट ड्यूमा (रूसी संसद) के चुनाव में नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित 5 शहरों और कुडनकुलम में मतदान किया. यूक्रेन युद्ध के बाद हो रहे इस संवेदनशील चुनाव में भारत द्वारा दिए गए प्रशासनिक सहयोग ने दोनों देशों के प्रगाढ़ कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाया है.

भारत, रूस और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सीधी उड़ानों और यूपीआई पेमेंट्स ने यात्रा को आसान बना दिया है. अब यूरोपीय देशों के रास्ते के बिना एशिया में सफर करना बेहद सुगम हो गया है.

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर 2026) ने वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है. भारत एक ओर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के साथ BRICS जैसे मंचों पर भी सक्रिय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की शुरुआत महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की अमर कृति 'तिरुक्कुरल' के रूसी अनुवाद की प्रति भेंट कर की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अहम द्विपक्षीय बैठक की. दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी चर्चा की.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे. 11 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठक होगी.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिश्केक में आयोजित शंघाई शहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान दौरे पर हैं. इसी बीच, पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की.

अमेठी में बनी 100% स्वदेशी AK-203 'शेर' असॉल्ट राइफल का परीक्षण सफल रहा. सितंबर 2026 में आर्मी ट्रायल शुरू होगा और हर 100 सेकंड में एक राइफल बनेगी.

रूस मध्य एशिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते हिंद महासागर तक पहुंच बनाने वाले रेल कॉरिडोर की योजना पर काम कर रहा है. इस प्रोजेक्ट से भारत के चाबहार पोर्ट और मध्य एशिया तक पहुंच की रणनीति पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं.