Terror Camps in Pakistan: भारतीय सेना ने इस साल मई के महीने में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में स्थित 9 प्रमुख आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था. इस सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिद्दीन (HM) जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों को भारी नुकसान हुआ, जिसमें मसूद अजहर के परिवार के सदस्यों समेत 100 से अधिक आतंकी मारे गए. अब इंटेलिजेंस की रिपोर्ट्स में सामने आया है कि ये संगठन PoK के बजाए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) प्रांत में अपने ठिकाने शिफ्ट कर रहे हैं. यह बदलाव पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की प्रत्यक्ष मदद से हो रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है.
ऑपरेशन सिंदूर, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए) के जवाब में शुरू हुआ था, ने PoK में JeM के सैयदना बिलाल कैंप, HM के सरजल कैंप और LeT के कोटली कैंप जैसे ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. सैटेलाइट इमेजेस से साबित हुआ कि इन हमलों में SCALP क्रूज मिसाइल और HAMMER प्रिसिजन बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंची. अब आतंकी संगठन KP को नया हब बना रहे हैं, क्योंकि यहां अफगान सीमा की नजदीकी, गहरी भौगोलिक सुरक्षा और पहले से मौजूद जिहादी पनाहगाहें हैं. इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, PoK अब केवल घुसपैठ का लॉन्च पैड बनेगा, जबकि KP रियर कमांड जोन का काम करेगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह शिफ्टिंग PoK को भारतीय स्ट्राइक्स से असुरक्षित मानने का नतीजा है.
14 सितंबर 2025 को भारत-पाक क्रिकेट मैच से महज सात घंटे पहले, KP के मंसेहरा जिले के गढ़ी हबीबुल्लाह में JeM ने ‘धार्मिक जलसे’ के नाम पर बड़ा भर्ती अभियान चलाया. इसमें जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) की भूमिका थी. सभा को JeM के KP और कश्मीर प्रभारी मौलाना मुफ्ती मसूद इलियास कश्मीरी ने संबोधित किया, जो भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी है. वीडियो फुटेज से पुष्टि हुई कि आतंकी एम-4 राइफलों के साथ खुले आम मौजूद थे, और स्थानीय पुलिस-खासकर गढ़ी हबीबुल्लाह थाने के इंस्पेक्टर लियाकत शाह- उनकी सुरक्षा में तैनात थे. मसूद इलियास ने 30 मिनट तक ओसामा बिन लादेन की तारीफ की, उसे ‘शोहदा-ए-इस्लाम’ और ‘प्रिंस ऑफ अरब’ कहा. उसने JeM की विचारधारा को अल-कायदा से जोड़ा और कंधार हाईजैक (1999) का जिक्र किया, जिसमें मसूद अजहर की रिहाई हुई. साथ ही, मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए मसूद अजहर के भाई यूसुफ अजहर और परिवारजनों का उल्लेख कर पाकिस्तानी सेना-सरकार को ‘जिहाद का साझेदार’ बताया. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस रैली का मकसद मंसेहरा के JeM मार्कज ‘शुहदा-ए-इस्लाम’ में नई भर्ती था, जहां प्रशिक्षण ढांचा तेजी से बढ़ रहा है.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, JeM 25 सितंबर को पेशावर के मार्कज शहीद मकसूदाबाद में बड़ा आयोजन करेगा. यह सभा ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए मसूद अजहर के भाई यूसुफ अजहर (जिसे ‘उस्ताद जी’ कहा जाता था और IC-814 हाईजैक में मुख्य भूमिका थी) की याद में होगी. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट से पता चला कि यूसुफ JeM के हथियार प्रशिक्षण का प्रमुख था और कई कश्मीर हमलों से जुड़ा. यह कार्यक्रम JeM के नए नाम ‘अल-मुराबितून’ (इस्लाम की भूमि के रक्षक) के तहत होगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके. TOI के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में JeM के बहावलपुर मुख्यालय पर हमले से मसूद अजहर के 10 परिवारजन मारे गए, जिसमें अब्दुल रऊफ अजहर (JeM का ऑपरेशनल हेड) भी शामिल था, जो पठानकोट और पुलवामा हमलों का मास्टरमाइंड था.
इसी तरह, HM लोअर दिर के बांदाई इलाके में नया कैंप ‘एचएम 313’ स्थापित कर रहा है. इसकी कमान पूर्व पाकिस्तानी कमांडो खालिद खान संभाल रहा है. ‘313’ नाम गजवा-ए-बदर और अल-कायदा की ब्रिगेड 313 का संदर्भ है. यह कैंप कश्मीर घुसपैठ और वैश्विक जिहादी नेटवर्क से जुड़ने का केंद्र बनेगा. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने HM के मेहमूना जॉया और अन्य कैंपों को नष्ट किया, जिसमें कम से कम 20-25 आतंकी मारे गए. अब KP में HM की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जो 2019 के बालाकोट हमले के बाद भी देखी गईं.
मसूद इलियास कश्मीरी का जन्म PoK के रावलकोट में हुआ. 2001 में JeM में शामिल होकर 2001-06 तक अफगानिस्तान में नाटो के खिलाफ लड़ा. 2007 में लौटकर ‘शुहदा-ए-कश्मीर’ प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया. वह 2018 के सुंजवान आर्मी कैंप हमले का मास्टरमाइंड है. 2019 में LeT-JeM के संयुक्त ‘हिलाल-उल-हक ब्रिगेड’ (कवर: पीपुल्स एंटी फासीस्ट फ्रंट) का नेतृत्व किया. अब वह JeM और PAF दोनों चला रहा है. TOI की रिपोर्ट में वायरल वीडियो से साफ है कि इलियास ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘परिवार को चीर दिया’ बताया और पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर द्वारा शहीदों की अंत्येष्टि में अफसरों की मौजूदगी का खुलासा किया.
पूरी प्रक्रिया में पाक पुलिस और सेना की प्रत्यक्ष मिलीभगत उजागर हुई. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंक-विरोधी दिखता है, लेकिन अंदरूनी तौर पर प्रतिबंधित संगठनों को संरक्षण देता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के साथ-साथ अमेरिका और इजराइल के लिए खतरा है, क्योंकि इलियास ने इन देशों को भी निशाना बनाया है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाक की प्रॉक्सी वॉर मशीनरी को झकझोर दिया था, लेकिन KP में नया जिहादी गढ़ बन रहा है.
Agra News: आगरा में 15 साल बाद जन्मे दो महीने के बच्चे की टीकाकरण के…
स्वाधीनता सेनानी, भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती के अवसर पर…
Aaj Ka Rashifal Tula Rashi: तुला राशि वालों के लिए 3 नवंबर का दिन करियर…
Aaj Ka Rashifal Kumbh Rashi: कुंभ राशि के जातकों को आज कारोबार में पूंजी की…
Aaj Ka Rashifal Meen Rashi: मीन राशि के जातकों को आज कारोबार में तकनीकी खराबी…
Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक…