डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली. ट्रंप दावा करते हैं कि अपने शासन के एक साल के अंदर उन्होंने 8 देशों में जंग रुकवाई है. इसके लिए वो खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताते हैं. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ये भूल जाते हैं कि उनके आदेश पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को घर से उठा लिया गया. ईरान पर अपने B-2 बॉम्बर से घातक हमले किये. दर्जनों देशों पर मनमर्जी टैरिफ लगाए. कई देशों के नेताओं को मीडिया के सामने बेइज्जत किया. यह ट्रंप की सनक ही है कि ग्रीनलैंड जैसे देश को अमेरिका में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से दुनिया भर में फैले अमेरिकी सैनिकों की घर वापसी के पक्ष में रहे हैं. उनका कहना है कि दुनिया भर में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती सिर्फ अमेरिकी टैक्स पेयर्स के पैसों की बर्बादी है. वहीं दूसरी बार अमेरिकी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के एक साल के अंदर ट्रंप ने 7 देशों पर सैन्य हमले किये. जिसमें ईरान के कथित परमाणु संयंत्र पर हमला भी शामिल है. वो कौन कौन से देश हैं जिन पर ट्रंप ने अपने एक साल के शासन के अंदर हमले किये?
अपने राष्ट्रपति बनने के लगभग तीन महीने के अंदर ही 15 मार्च 2025 को ट्रंप के कहने पर अमेरिकी सेना ने यमन में ऑपरेशन रफ राइडर के तहत जबरदस्त हमला किया. यह हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका का अबतक का सबसे बड़ा अभियान था. यह ऑपरेशन 52 दिनों तक चला.
ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने 1000 से ज्यादा हवाई हमले किये. जिसमें अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर (USS Harry S. Truman), F-16, F-35 और B-2 बॉम्बर जैसे घातक लड़ाकू विमान शामिल थे. इन हमलों में यमन में 200 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो गई. जिसमें 68 अफ्रीकी प्रवासी भी शामिल थे. इन हमलों में 1700 करोड़ से अधिक खर्च हुए.
इराक के सबसे बड़े प्रांत अल-अनबार (Al-Anbar) में ISIS के खिलाफ अमेरिकी सेना ने 13 मार्च 2025 को सबसे बड़ी एयर स्ट्राइक की. इस एयर स्ट्राइक का मकसद ISIS के दूसरे सबसे बड़े नेता अब्दुल्ला मक्की मुस्लेह अल रिफाई (Abdallah Makki Muslih al-Rifai) को निशाना बनाना था. इस हमले में मक्की की मौत हो गई. अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज और इराकी फोर्स ने डीएनए से उसकी पहचान की.
लगभग 10 दिनों से चल रहे इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच 21-22 जून की रात अमेरिका कूद आया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अबतक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया. जिसे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर (Operation Midnight Hammer) नाम दिया गया. इस हमले में अमेरिका ने B-2 बॉम्बर से ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्र पर अबतक का सबसे बड़ा और सटीक हमला किया. इस हमले में अमेरिका ने 30,000 पाउंड का बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल किया. जिसमें ईरान का परमाणु संवर्धन केंद्र का इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में सोमालिया में मौजूद अलकायदा से जुड़े संगठन अल-शबाब और ISIS सोमालिया पर जबरदस्त स्ट्राइक्स किए. न्यू अमेरिका फाउंडेशन और अन्य मॉनिटरिंग ग्रुप्स के मुताबिक ट्रंप के कार्यकाल के अंदर सोमालिया पर हमलों की संख्या 111 पहुंच गई है. ट्रंप ने 1 फरवरी 2025 से सोमालिया में एयर स्ट्राइक्स की शुरुआत की, जो साल के अंत तक जारी रही. अमेरिकी दावे के मुताबिक इन हमलों में सैकड़ों आतंकी मारे गए. अमेरिकी हमले में कुछ आम नागरिक भी मारे गए. जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.
डोनाल्ड ट्रंप के शासन में अमेरिका ने सीरिया में ISIS के खिलाफ जबरदस्त हमले किये. इन हमलों की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को हुआ. इन हमलों में अमेरिकी सेना ने 70 टारगेट्स पर हमला किया, जिसमें ISIS के कमांड सेंटर, हथियार डिपो, ट्रेनिंग साइट्स, ड्रोन बेस और लॉजिस्टिक हब्स को निशाना बनाया गया. अमेरिका के इन हमलों में ISIS के कई आतंकी मारे गए. साथ ही उनका इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया. ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट के मुताबिक इन अमेरिकी हमलों में कम से कम 5 ISIS के सदस्य मारे गए.
अमेरिकी सेना ने क्रिसमस डे 2025 के दिन नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में ISIS के खिलाफ जबरदस्त एयरस्ट्राइक की. ISIS के लड़ाकों पर आरोप थे कि वो नाइजीरिया में ईसाईयों पर हमले कर उनका नरसंहार कर रहे थे. ट्रंप ने इसे ईसाई समुदाय की सुरक्षा के लिए मोरल इंटरवेंशन बताया. इन हमलों में ISIS के कई मिलिटेंट्स मारे गए. उनके कैंप तबाह हो गए.
ट्रंप के कार्यकाल का सबसे ताजा हमला अमेरिका का वेनेजुएला के राष्ट्रपति को किडनैप करना रहा. डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने 26 दिसंबर 2025 को वेनेजुएला पर हमला कर दिया और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को किडनैप कर अमेरिका ले आए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को अवैध बताते रहे. उनका कहना था कि मादुरो ड्रग तस्करी को बढ़ावा देते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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